बलिया। उत्तर प्रदेश में आगामी एक फरवरी से जन्म-मृत्यु पंजीकरण सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) के नए पोर्टल पर होगा। 31 जनवरी के बाद जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए ई-डिस्टिक पोर्टल तथा ई-नगर सेवा के माध्यम से पंजीकरण की समानांतर व्यवस्था पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने समस्त जिलाधिकारी को निर्देशित किया है कि नीति आयोग हेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट 2018 के अनुसार प्रदेश में कुल वार्षिक जन्म आकलन के सापेक्ष जन्म पंजीकरण 60 दशमलव 70 प्रतिशत पाया गया है। जिसके कारण स्वास्थ्य सूचकांक पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि पंचायती राज विभाग एवं नगर विभाग को सीआरएस पोर्टल पर आन बोर्ड कराया जाए, ताकि संबंधित विभाग सीआरएस पोर्टल पर सीधे लॉगिन कर या हाई पर लिंक के माध्यम से पंजीयन कार्य कर सकें। जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए ई-डिस्टिक पोर्टल एवं ई-नगर सेवा पोर्टल प्रणाली में भी आवश्यक संशोधन कराने का निर्देश दिया है। इसको लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में
कलेेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित होनी थी। लेकिन मंडलायुक्त के आने के कारण नहीं हो सकी। इसके लिए समस्त ग्राम सचिवों को 31 प्रशिक्षण देना सुनिश्चित है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रीतम कुमार मिश्र ने बताया कि ग्राम सचिव 31 जनवरी से पूर्व मेरे कार्यालय से यूजर आईडी व पासवर्ड प्राप्त कर लें। अन्यथा 31 से ई-डिस्टिक पोर्टल तथा ई-नगर सेवा के माध्यम से पंजीकरण की समानांतर व्यवस्था पूरी तरह से बंद हो जाएगी।