नगरपालिका कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र के लिए के लिए काउंटर पर खड़े लोग।संवाद
बलिया। सरकार के नियमों का जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों पर असर दिखाई नहीं पड़ रहा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काई एक तो 4 महीने से नगर पालिका और तहसील का चक्कर काट रहा है।
पीड़ितों की समस्या घटने के बजाय बढ़ती जा रही है। जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र हर जगह सरकार ने अनिवार्य कर दिया है। इसके बिना कोई काम नहीं होगा। ऐसे में बनाने की जटिलता लोगों को परेशान कर रही है। इसको लेकर लोग नगर पालिका व तहसील का चक्कर लगातार काट रहे हैं। प्रतिदिन लोग आते है और संबंधित कर्मचारी के टेबल तक जाते है, उनके न मिलने पर निराश होकर लौट जा रहे हैं। अगर कर्मचारी मिल भी गए तो अधिकारी का हस्ताक्षर न होने की बात कहकर टाल देते हैं। संबंधित बाबू से कब मुलाकात होगी यह कोई बताने वाला नहीं है। एसआईआर के नाम पर कभी व्यस्तता बताकर चले जाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि 15 दिनों तक कर्मचारी अपनी टेबल पर नहीं बैठते हैं।