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Ballia News: बिहार ने भी तैयार किया महुली घाट पर पक्का पुल का प्रस्ताव

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बैरिया। यूपी-बिहार को जोड़ने वाली गंगा नदी के महुली (सिन्हा) घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव सेतु निर्माण निगम लिमिटेड पटना ने बिहार सरकार को भेजा है। अगर शासन से स्वीकृति मिली तो पुल का निर्माण होना निश्चित है। ऐसे में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती सिताबदियारा (जयप्रकाश नगर) सहित बैरिया तहसील क्षेत्र के करीब चार लाख वाशिंदों की सिताबदियारा, आरा व पटना के बीच की दूरी 40 किमी तक कम हो जाएगी।
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सेतु निर्माण निगम लिमिटेड पटना के सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर ने बताया कि गंगा नदी पर बड़हरा प्रखंड क्षेत्र के महुली घाट पर बने पीपा पुल को हटाकर पक्का पुल निर्माण करने का प्रस्ताव बिहार सरकार के पास भेजा गया है। पुल के निर्माण में करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। महुली घाट पर पुल के निर्माण होने पर यहां से सड़क का सम्पर्क आरा-बक्सर फोरलेन से कराया जाएगा। सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर खुर्शीद करीम ने बताया कि पुल का निर्माण होने के बाद सिताब दियारा होते हुए चांदपुर और मांझी पुल पार करते हुए यूपी के नेशनल हाईवे-31 को कनेक्ट कराया जाएगा। इस तरह इस पुल के सहारे आरा-बक्सर नेशनल हाईवे व एनएच-31 का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। बिहार सरकार की ओर से महुली घाट पर पक्का का पुल बना दिया जाता है तो यूपी व बिहार के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी। दोनों राज्यों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक लगाव भी बढ़ जाएगा।
पीपा पुल का रहता है सहारा
बैरिया। महुली पीपा पुल हर साल नवंबर माह में बनता है और जून के पहले सप्ताह में खुल जाता है। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आशीष शुक्ला के अनुसार पीपा पुल निर्माण में करीब 40 लाख रुपये खर्च आता है। महुली पीपा पुल से रोज यूपी व बिहार के लोगों को मिलाकर करीब एक हजार से अधिक लोग हर रोज आवागमन करते हैं।महुली पीपा पुल से नजदीकी यूपी का गांव शोभा छपरा, लक्ष्मण छपरा, दोकटी, दलन छपरा, सिताब दियारा आदि दर्जनों गांव आते है।
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आवागमन में होगी सुविधा
बैरिया। सिकंदराबाद ,बंगलौर सहित अन्य महानगरों के लिए दर्जनों यात्री ट्रेन पकड़ने बक्सर जंक्शन जाते हैं। उन्हें बैरिया से बक्सर करीब 100 किमी दूरी तय करनी पड़ती है। महुली गंगा नदी पर पक्का पुल बन जाने से 30 से 35 किमी दूरी तय कर आरा जंक्शन से ट्रेन पकड़ सकेंगे।
पूर्व सांसद ने भी रखा था प्रस्ताव
बैरिया। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने भी एनएच-31 से दो लेन की सड़क के साथ ही महुली घाट पर पक्का पुल का प्रस्ताव तैयार कराया था। इसके लिए वो केंद्रीय परिहगन मंत्री नितिन गड़करी से भी मिले थे। हालांकि अभी तक ये परियोजना स्वीकृत नहीं हो पाई है।
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