नगर के बिचला घाट स्थित महावीर चबूतरे पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान भाष्कर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस दौरान नगर
पालिका चेयरमैन साधना गुप्त एवं प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त ने संयुक्त रूप से भगवान भाष्कर का पट खोला। इसके अलावा कोटवां नारायणपुर, उजियार घाट पर सूर्य की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जहां महिलाओं ने भगवान भाष्कर की पूजन-अर्चन कर परिवार के मंगलमय की कामना की।
बैरियाः तहसील क्षेत्र में डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए रविवार को सुबह से ही लोग तालाब और नदियों के घाटों पर छठ की पूजा करने के लिए वेदी बनाने में जुटे रहें। जबकि गांव के नौ युवा पीढ़ी, युवा समाजसेवी चंदा जुटाकर तालाब पोखरे और नदियों के पास आने जाने के रास्ते पर रोशनी के लिए लाइट का सजावट किया ।
क्षेत्र के शिवन टोला, बैरिया, रानीगंज बाजार, कोटवा, मधुबनी, करमानपुर, तालिबपुर, जमालपुर, श्रीनगर, दलछपरा, दुर्जनपुर, नारायणगढ़ आदि गांवों में तालाबों, पोखरा आदि स्थानों पर महिला और पुरुष छठ पूजा के लिए वेदी बनाया। शाम ढलने से पहले ही छठ के पारंपरिक गीतों के साथ महिलाओं की झुंड छठ पूजा स्थल तक पहुंची। वहां आस्था के प्रतीक डूबता हुआ सूर्य को महिलाओं ने अर्घ्य दिया। बेल्थरारोडः व्रती महिलाओं ने मंगलगीतों के साथ अस्ताचलगामी, भगवान भाष्कर को अघ्र्य देकर पुण्य और यश की कामना की। इस दौरान बिचला पोखरा, नौकापुरा, बिठुआ मार्ग सरवरों के अलावा सरयू नदी के विभिन्न तटों पर मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने बेदी का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बच्चों ने आतिशबाजी कर पर्व का आनंद उठाया।