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Ballia News: संभलकर तुम गले मिलना किसी से, दिलों में इन...

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नगर के कुंवर सिंह इंटर कालेज में आयोजित पावस कवि गोष्ठी में काव्य पाठ करते कवि।आयोजक
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बलिया। साहित्य चेतना समाज की जनपदीय इकाई के तत्वावधान में नगर के कुंवर सिंह इंटर कॉलेज में पावस कवि गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का शुभारंभ श्वेता पांडेय मिश्रा ने किया।
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योगेश्वर कृष्ण के उदात्त व्यक्तित्व को रेखांकित करती हुई रचना सुनाई। विजय मिश्र ने शादी विवाह के समारोह में प्रबल होते जा रहे पाखंड व फिजूल खर्ची पर व्यंग्य करते हुए प्रभावशाली रचना पढ़ी। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शशी प्रेमदेव ने अपने मुक्तकों और शेरों के माध्यम से सम-सामयिक मुद्दों पर कटाक्ष किया। उन्होंने - संभलकर तुम गले मिलना किसी से, दिलों में इन दिनों नफरत बहुत है... सुनाया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नवचंद्र तिवारी ने - सावन-भादो बरस रहा है, मौसम सारा हरस रहा है... सुनाया। महाराष्ट्र से सम्मानित होकर लौटे युवा कवि श्वेतांक सिंह ने बाढ़ पीड़ितों की व्यथा - कराहें जाग रही हैं हंसी सहमी हुई है... सुनाई। पूर्व प्रधानाचार्य रामेश्वर सिंह ने क्षणिकाओं से हंसाया। शायर शंकर शरण काफिर ने गजलों से तालियां बटोरीं। डॉॅ. विश्राम यादव ने - नंद घरवा अइले... गीत सुना कर सबको झूमने पर विवश कर दिया। डॉ.फतेहचंद बेचैन ने देश के निमित्त कुर्बानी देने वालों की यादों में अपनी रचना पढ़ी। नवोदित कवयित्री सुशीला पाल ने भी बाढ़ की विभीषिका पर दोहे सुनाए। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा तथा संचालन डॉॅ नवचंद्र तिवारी ने किया। डॉ. शशी प्रेमदेव ने आभार प्रकट किया।
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