रामगढ़। गंगा की लहरें एक बार फिर उत्पात मचाने लगी हैं। 29 करोड़ रुपये की लागत से बने दुबे छपरा रिंग बंधा का आधा हिस्सा सोमवार की रात गंगा की लहरों में समा गया। जैसे ही बंधा कटने की जानकारी उदय छपरा गोपालपुर गांव में फैली लोगों में अफरा तफरी मच गई। कुछ लोग अपने सामान को सहेजने में जुटे तो कुछ लोग अपना रुख बंधे की ओर कर दिए। इस बीच सूचना पर पहुंचे बाढ़ विभाग के अधिकारी बंधे को बचाने के प्रयास में जुट गए। हालांकि गंगा जलस्तर स्थिर है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार की शाम 57.70 सेमी दर्ज किया गया और जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
वर्ष 2016 में 29 करोड़ रुपये की लागत से करीब दो किमी की दूरी तक बंधे का उच्चीकरण व चौड़ीकरण करने के साथ ही लांचिंग, पिचिंग, अप्रन व एक स्पर का निर्माण किया गया। बंधे की सुरक्षा को लेकर 800 मी. तक जिओ विधि का प्लेटफार्म बनाया गया। ग्रामीणों ने उस समय कार्य में अनियमितता का आरोप भी लगाया लेकिन अधिकारियों ने एक ना सुनी। जिसका हश्र यह हुआ कि पिछले साल हल्की सी बाढ़ आई और बंधा टूट गया। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही और ग्रामीणों को जांच कराने का भरोसा भी दिया लेकिन मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। इस बार भी हल्की सी बाढ़ में गत 22 अगस्त को भी बंधा कटने लगा संयोग अच्छा रहा कि मां गंगा ने अपना रौद्र रूप कम कर दिया। इस बीच सोमवार की देर रात गंगा की लहरों से बंधा का आधे से अधिक हिस्सा कट गया। जिसको बचाने में बाढ़ विभाग ने हरे पेड़ों, ईंट, पत्थर डालने का कार्य शुरू कर दिया। बाढ़ विभाग के अवर अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि बंधे को हर हाल में बचाया जाएगा।
इनसेट....
बंधा कटा तो उजड़ जाएगी 25 हजार की आबादी
रामगढ़। बंधा कटा तो 25 हजार की आबादी को सड़कों पर रैन बसेरा बनाना पड़ेगा। बंधा कटने के भय से उदई छपरा, गोपालपुर और दुबेछपरा के लोग रात जगा करने पर मजबूर हो गए हैं। उनका कहना है कि कभी भी बंधा टूट सकता है।