उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का सत्तू ओडीओपी में शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। सत्तू के ओडीओपी में शामिल होने से किसानों को काफी लाभ होगा।
बलिया के बाटी- चोखा की अलग पहचान है। बाटी में पड़ने वाले बलिया के सत्तू का अलग ही महत्व और स्वाद है। चने के सत्तू को खाने में कई तरह से उपयोग किया जाता है।
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प्रशासन ने बलिया के चने सत्तू को ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है, जिस पर प्रमुख सचिव लघु एवं सूक्ष्म उद्योग ने सर्वे के लिए टीम जल्द जिले में भेजने का आश्वासन दिया है। इसके लिए जिले में चने की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक भी किया गया है।