बलिया। बीते दिनों हल्दी और कोतवाली थाना क्षेत्रों से भारी मात्रा में पुलिस द्वारा भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। इस दौरान पुलिस के हत्थे कुछ अभियुक्त भी चढ़े थे, लेकिन पुलिस की लापरवाही से मुख्य अभियुक्त फरार हो गए थे। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान हुई इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा ने विभागीय जांच कराई तो मामले में पांच पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध होने की रिपोर्ट मिली। इसके आधार पर एसपी ने रविवार को दो उपनिरीक्षकों और तीन आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। जिसमें एक उपनिरीक्षक और तीन आरक्षी हल्दी थाना के और एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षी दुबहड़ थाने के हैं। एसपी ने लाइनहाजिर पुलिसकर्मियों के विरूद्ध दो मामलों में जांच करने का आदेश दिया है। कप्तान का मानना है कि इस मामले में कई अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
बता दें कि बीते 12 फरवरी की रात में हल्दी थाना क्षेत्र के मुड़ाडीह ग्रामसभा अंतर्गत लाखपुर गांव स्थित एक मुर्गी फार्म से लगभग 25 लाख की 475 पेटी अंग्रेजी शराब पुलिस ने बरामद की थी और मौके पर मौजूद तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। लेकिन मुख्य दो आरोपी विनय सिंह और बच्चा सिंह निवासी पोखरा थाना हल्दी पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके से फरार हो गए थे। मामले में हल्का प्रभारी और बीट के सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने पर एसपी ने विभागीय जांच कराई। जिसमें उपनिरीक्षक सूर्यनाथ यादव और आरक्षी सतीश यादव और अभिषेक यादव को दोषी पाया गया। जिन्हें एसपी ने तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
इसके अलावा थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बालमुकुंद मिश्रा ने बीते पांच मार्च को दुबहड़ थाना क्षेत्र के बंधुचक गांव से 310 पेटी अंग्रजी शराब बरामद की थी, जिसकी बाजार में कीमत करीब 16 लाख रुपए बताई गई। इस दौरान भी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जबकि मुख्य आरोपी सुनील चौधरी निवासी बन्धुचक थाना दुबहड़ फरार हो गया था। मुख्य आरोपी के भागने को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने दुबहड़ थाना के हल्का इंचार्ज उपनिरीक्षक सुरजीत सिंह और बीट सिपाही शिवमंगल सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया है।