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Ballia Lok Sabha: जाति-बिरादरी की दौड़ में विकास पीछे छूटा, जानें- क्या है सियासी गणित

Tue, 16 Apr 2024 10:53 AM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया।

सार

Ballia Lok Sabha: बलिया लोकसभा में सबसे बड़ी आबादी ब्राह्मणों की है। यहां करीब तीन लाख ब्राह्मण हैं। इसके बाद यादव, राजपूत और दलित वोट। वहीं, अगर जातीय लिहाज से देखें तो इस लोकसभा सीट का जातीय समीकरण काफी उलझा हुआ है।
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बलिया लोकसभा सीट का जातीय समीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बलिया में राजनीतिक दलों के दावे भले ही विकास के हों, लेकिन चुनाव आते-आते लड़ाई जाति-बिरादरी तक सिमट कर रह जाती है। चुनावी रण में उतरी पार्टियां जातिगत आंकड़ों की विसात बिछाने में जुटी हैं। इसी चक्कर में अब तक सपा, बसपा ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने जातियों का गणित सेट करते हुए सांसद नीरज शेखर को उम्मीदवार बनाया है।

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बलिया संसदीय सीट पर छिड़े चुनावी संग्राम में कहीं जाति व धर्म की बात की जा रही है, तो कहीं धनबल व बाहुबल के आधार पर मत बटोरने की कवायद चल रही है। सभी दल इसके लिए गांव-गांव में सियासी गोटी बिछाने में जुटे हैं। जातीय लिहाज से देखें तो बलिया लोकसभा सीट का जातीय समीकरण काफी उलझा हुआ है। इस कारण इस सीट पर चुनावी मुकाबला काफी अलग प्रकार का होता है।

बलिया लोकसभा सीट पर सबसे बड़ी आबादी ब्राह्मणों की है। यहां करीब तीन लाख ब्राह्मण हैं। इसके बाद यादव, राजपूत और दलित वोट हैं। तीनों वर्ग की आबादी करीब ढाई-ढाई लाख है। मुस्लिम वोट बैंक भी इस क्षेत्र में करीब एक लाख है। बलिया के दोआबा और नगर विधानसभा में ब्राह्मण सबसे अधिक हैं।
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ऐसे में अब जबकि भाजपा ने राजपूत बिरादरी के नीरज शेखर को टिकट थमा दिया है तो यह देखना दिलचस्प है कि विपक्ष की ओर से इस बार के चुनाव में किस बिरादरी के उम्मीदवार का चयन होता है। बलिया लोकसभा सीट में बलिया जिले की तीन बैरिया, बलिया नगर और फेफना तथा गाजीपुर जनपद की दो जहुराबाद और मुहम्मदाबाद विधान सभा सीटें आती है।


बलिया संसदीय सीट का जातीय समीकरण
जाति जनसंख्या प्रतिशत में
ब्राह्मण 15%
राजपूत 13%
भूमिहार 8%
यादव 12%
बौद्ध 0.07%
ईसाई 0.14%
जैन 0.01%
मुसलमान 8.03%
अनुसूचित जाति 15.5%
अनुसूचित जनजाति 2.6%
सिख 0.03%
अन्य 18%

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