फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलिया: अपहरण कर फिरौती मामले में छह को आजीवन कारावास,  15 साल पहले अपहरण कर मांगी थी पांच लाख फिरौती

Sun, 20 Dec 2020 12:44 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

अपर सत्र न्यायाधीश बलिया  ने अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में छह आरोपियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।

विज्ञापन


बता दें कि वादी कनक पांडेय ने थाना रेवती में सात मार्च 2005 को तहरीर दी थी कि उसके दो चचेरे भाई शुभम पांडेय एवं रत्नेश पांडेय पुत्रगण रामनाथ पांडेय घर से पढ़ने के लिए जा रहे थे। तभी करीब 10 बजे भूषण पांडेय के घर से उत्तर-पश्चिम दिशा में जहां सड़क मुड़ी एवं टूटी है, वहां पीछे से दो आदमी आए और उसके छोटे भाई रत्नेश को जबरन अपनी बाइक पर बैठाकर अगवा करके चले गए।

अपहृत रत्नेश की उम्र करीब सात वर्ष है। रत्नेश के साथ शुभम पांडेय भी था, जो गाड़ी व अपराधियों को पहचानता है। थाना रेवती में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचक ने साक्षियों के बयान अंकित करने और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस बल द्वारा पुलिस मुठभेड़ में अपहृत को बरामद किया गया था। बरामदगी स्थल से आरोपी मीर हसन एवं प्रदीप को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

शेष आरोपी सतेंद्र गोंड पुत्र राम लक्षण, सरल मल्लाह पुत्र डोमन मल्लाह साकिन नरहन थाना रघुनाथपुर जिला सिवान बिहार, असगर पुत्र सदीक साकिन गोपाल नगर थाना रेवती, मोहम्मद मुनीर पुत्र मोहम्मद नसीर साकिन रेवती भागने में सफल रहे। गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों द्वारा पांच लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी।

इसमें न्यायालय ने साक्षियों का बयान अंकित करने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता दिनेश तिवारी, सत्येंद्र सिंह, अमरनाथ सिंह व अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अनिल कुमार पांडेय, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार सिंह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद उपरोक्त सभी आरोपियों के खिलाफ दोष साबित पाया। सभी दोषियों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का साधारण कारावास भी भुगतने की सजा सुनाई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें