बलिया। पुरानी पेंशन समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों, संविदाकर्मियों व आशा बहुओं ने धरना दिया। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया कि यदि पुरानी पेंशन और कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके पूर्व मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
धरने को संबोधित करती हुई राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने कहा कि यह सरकार कर्मचारियों के हक और हुकूक को छीनने में लगी हुई है। जिला मंत्री वेद प्रकाश पांडेय ने कहा कि एक तरफ सरकार हमारे प्रांतीय नेतृत्व से 11 सूत्री मांगों पर बार-बार आश्वासन दे रही है। वहीं दूसरी तरफ हमारे भत्तों में कटौती कर कर्मचारी हितों पर कुठाराघात कर रही है। परिषद के मंडल अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारी संगठन जब भी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं, सरकार न्यायालय की शरण में चली जाती है।
पूर्वांचल उपाध्यक्ष ब्रजेश सिंह ने कहा कि यह सरकार कर्मचारी हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। । इस मौके पर उप्र सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अरुण सिंह, संजय कुंवर, राहुल सिंह, राजेश पांडेय, संत सिंह, सुनील सिंह, विद्यासागर दूबे, बीरेंद्र सिंह, बीएन सिंह, शशि सिंह, पुष्पा देवी, शकुंतला देवी, संतोषी देवी, अर्चना सिंह, मीरा, मिथिलेश शर्मा, संजय कृष्ण भाष्कर व जमाल अख्तर अमित कुमार आदि रहे।