बलिया। जिले में 102-108 और एएलएस एंबुलेंस कर्मचारी पांच सूत्री मांगों को लेकर सोमवार की सुबह से कामकाज ठपकर हड़ताल पर चले गए। एंबुलेंस सेवा बंद होने से चिकित्सा सेवा चरमरा गई। हालांकि इमरजेंसी सेवा के लिए चार एंबुलेंसों को छोड़ दिया गया था, ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, एंबुलेंस कर्मचारियों ने एएलएस कर्मचारियों के समर्थन में करनई स्थित खाली मैदान में अपनी एंबुलेंस खड़ी कर नारेबाजी की। सेवा बाधित होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
108, 102 और एएलएस एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामपाल चौधरी ने कहा कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन जीवीकेईएमआरआई की ओर से किया जा रहा है। अब नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से टेंडर जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड लिए कंपनी को दिया गया है। इसके कारण करीब 1200 कर्मचारी की नौकरी के ऊपर तलवार लटक रही है। पुरानी कंपनी ने अभी तक किसी भी कर्मचारी का टर्मिनेशन लेटर जारी नहीं किया है, लेकिन नई कंपनी जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड द्वारा एएलएस गाड़ियों पर पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की नई नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया है। कंपनी लगातार नियुक्तियां कर रही है। उन्होंने मांग की कि ठेकादारी प्रथा तत्काल बंद की जाए। नई कंपनी एएलएस कर्मचारियों के निकालने के बजाय नौकरी पर रखे। इसके अलावा 108, 102 व एएलएस कर्मचारियों को एएचएम में विलय किया जाए।
कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन लागू किया जाए। इसके साथ ही कोरोना काल में शहीद हुए कर्मचारियों के परिजनों को तत्काल 50 लाख रुपये दिए जाएं। चेताया कि अगर मांग नहीं मानी गई तो हड़ताल अनवरत चलता रहेगा। इस मौके पर सुदर्शन मिश्र, जगजीवन, निलेश कुमार यादव, विरेंद्र, अम्बुज बरनवाल, राजकुमार यादव, ध्रुव लाल अरोरा, अंजली यादव, सरिता, वरुण यादव, कपिल, सत्येंद्र यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
जिले में 108 व 102 की 76 तथा चार एएलएस एम्बुलेंस है संचालित
बलिया। जनपद में दूर-दारज के मरीजों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए 108 व 102 की कुल 76 एंबुलेंस संचालित है। इसके अलावा, चार एएलएस एंबुलेंस संचालित है। एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान चार एंबुलेंस इमरजेंसी सेवा के लिए संचालित है।
108 एंबुलेंस की चार गाड़ियां जनहित में संचालित है। जीवनदायनी संगठन से वार्ता करने के बाद चार और गाड़ियां मंगलवार से संचालित होने की उम्मीद है ताकि जनपद में इमरजेंसी सेवा बाधित न हो सकें। - अविनाश चंद्र मिश्रा, प्रोग्राम मैनेजर, 108, 102 एंबुलेंस
यह 108, 102 एंबुलेंस वालों की हड़ताल नहीं, एएलएस वालों की है। इन्हें नई कंपनी द्वारा बाहर निकालने की बात सामने आ रही है। इनका मामला लखनऊ से है। वहीं से वार्ता के बाद शायद इन लोगों का निस्तारण हो जाए। इनके न चलने से किसी प्रकार की समस्या की कोई कहीं से अभी तक शिकायत नहीं आई है। - डा. हरिनंदन प्रसाद, एसीएमओ, बलिया