गायत्री शक्ति पीठ परिसर में उपस्थित श्रद्धालु।
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गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट गंगा तट मार्ग पर गुरु पूर्णिमा का कार्यक्रम रविवार को आयोजित किया गया। जिसमें 108 न्याय पंचायतों के श्रद्धालु भक्तों ने प्रतिभाग किया। रात में ही पीठ में श्रद्धालु भक्त आ गए। सुबह गंगा आरती हुई। तत्पश्चात पंचकुंडीय यज्ञशाला में आहूतियां दी गईं। इस मौके पर विशेष पूजन में हजारों भक्तों ने भाग लिया। भजन कीर्तन के साथ गुरु का बोध कराया गया।
इस मौके पर शक्तिपीठ प्रमुख विजेंद्र चौबे ने भावी कार्यक्रमों के बारे में जानकरी देते हुए बताते हुए कहा कि 150 साधकों का प्रशिक्षण आगामी 16 अगस्त से 20 अगस्त तक होने जा रहा है। जिसमें घर-घर जाकर गायत्री चित्र की स्थापना कराया जाएगा। गायत्री शक्तिपीठ के प्रमुख विजेंद्र नाथ चौबे ने सभी परिजनों का स्वागत करते हुए उन्हें विदाई दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से देवेंद्र उपाध्याय, कंचन चौबे, विद्यावती देवी, लालमोहन, रवि सिंह, पुष्पा मिश्रा, गोपाल जी अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
इसी क्रम में डॉ. रामविचार रामरती सरस्वती बालिका विद्यामंदिर रामपुर उदयभान में गुरुपूर्णिमा उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्र प्रचारक अशोक उपाध्याय ने कहा कि एक बालक की पहली गुरु उसकी मां होती है, जो अपने संस्कारों से बालक के चारित्रिक विकास में योगदान देती है। इस मौके पर विभाग प्रचारक सुरजीत, प्रबंधक डा. विनोद सिंह ने लोगों के प्रति आभार जताया।
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट एवं पंतजलि योग समिति के तत्वावधान में बालेश्वर मंदिर रोड स्थित कार्यालय पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वाभिमान न्याय के जिला प्रभारी हृदयानंद एवं योग समिति डा. लालिमा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
त्रिदंडी देवधाम : दुबहर क्षेत्र के नगवा गांव सित त्रिदंडी देवधाम पर गुरुपूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। गुरु पूजन-अर्चन के बाद क्षेत्र के लोगों ने त्रिदंडी स्वामी जी की प्रतिमा पर श्रद्धा के फूल चढ़ाए तथा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। स्वामी जी परम शिष्य राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत शिक्षक शिवजी पाठक ने कहा कि स्वामी जी जीवन भर झोपड़ी में रहते हुए वैष्णव धर्म का प्रचार-प्रसार किया तथा अपने जीवन में तीन सौ यज्ञ कराए।