ओटीए चेन्नई की पासिंग आउट परेड के दौरान अपनी मां के साथ खुशी का इजहार करते कृष्णा मिश्रा। परिजन
पंदह/बांसडीह (बलिया)। अगउर गांव के पूर्व सूबेदार मेजर लल्लन मिश्र के दोनों पौत्रों ने एक ही दिन सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है।
बड़े भाई दीपक कुमार मिश्र को ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया से, जबकि छोटे भाई कृष्ण कुमार मिश्र को ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई से कमीशन मिला। एक ही दिन दो सगे भाइयों के सेना में अफसर बनने की सूचना पर परिवार और गांव में जश्न का माहौल है।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए परिवार के सदस्य दोनों जगहों पर मौजूद रहे। गया में दीपक की पासिंग आउट परेड में शामिल होने के लिए उनके पिता तारकेश्वर मिश्र और दादी मानमती मिश्रा पहुंची थीं। चेन्नई में कृष्ण कुमार मिश्र के कंधे पर स्टार लगाने के लिए उनकी मां शकुंतला मिश्रा, छोटी बहन नंदिनी मिश्रा मौजूद रहीं।
कंप्यूटर साइंस में एमएससी हैं दीपक तो कृष्ण कुमार हैं बीटेक : बड़े भाई दीपक कुमार मिश्र ने कंप्यूटर साइंस में एमएससी की पढ़ाई की है। सेना में जाने से पहले वह एक आईटी कंपनी में कार्यरत थे। छोटे भाई कृष्ण कुमार मिश्र ने बीटेक के बाद एक निजी कंपनी में नौकरी की, लेकिन सेना में सेवा देने की चाह ने उन्हें लगातार प्रेरित किया। उन्होंने चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर अधिकारी बनने का गौरव पाया।
तेलंगाना में रहता है परिवार : मूल रूप से बांसडीह तहसील के अगउर गांव के तारकेश्वर मिश्र का परिवार तेलंगाना के सिकंदराबाद में रहता है। तारकेश्वर मिश्र भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) में कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके पिता लल्लन मिश्र भी सेना में सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इस तरह परिवार की तीसरी पीढ़ी ने देश सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया है।
ओटीए चेन्नई की पासिंग आउट परेड के दौरान अपनी मां के साथ खुशी का इजहार करते कृष्णा मिश्रा। परिजन