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अरिकेश बिंद की गला दबाकर की गई थी हत्या

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बलिया। नरही थाना क्षेत्र के ग्राम शहाबुद्दीनपुर गांव स्थित धान के खेत में अरिकेश बिन्द पुत्र संजय बिन्द का शव 18 जुलाई को मिला था। पोस्टमार्टम में मौत की वजह गला दबने से हुई बताई गई। इसके बाद पुलिस ने मृतक के पिता संजय बिंद की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार की सुबह थाना क्षेत्र के दौलतपुर कथरिया तिराहे से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
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सोमवार को इसका खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने अपना नाम व पता शिवाशंकर बिन्द, संजय बिन्द, रणजीत बिन्द पुत्रगण हरिनरायण बिन्द तथा सत्यशील बिन्द पुत्र शिवाशंकर बिन्द निवासीगण ग्राम शाहबुद्दीनपुर थाना नरही बताया। पूछताछ अभियुक्त शिवाशंकर बिन्द ने बताया कि मृतक अरिकेश बिन्द मन्दबुद्धि का था। अक्सर मैं और वह गांव के पूरब कोलकरना दाई महारानी देवी के मंदिर पर घर से खाना खाने के बाद चले आते थे और रात में वही पर सोते थे। इसके अलावा भांग का सेवन करते थे। बताया कि 14 जुलाई को जब मैं घर से शाम को 6.30 बजे अपने डेरा पर जा रहा था तो मेरे साथ मृतक अरिकेश भी चल दिया। हम दोनों डेरे पर पहुंच कर रात्रि में करीब आठ बजे भांग की कली को चिलम में लगाकर पी गए। इसी बीच अरिकेश मेरी सुरती वाली डिब्बी (चुनौटी) से सुरती गायब कर दिया। इसी बात को लेकर मुझे बहुत गुस्सा आया और मैंने दोनों हाथ से उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। इसके बाद मैंने उसकी लाश को अपने मकई के खेत में घसीट कर ले जाकर बीच में छिपा दिया। अगले दिन घटना की सारी बातें अपने परिजनों को बताया। इसके बाद मेरा भाई संजय, रणजीत व मेरा पुत्र सत्यशील रात में मकई के खेत से लाश को अपने बचने तथा साक्ष्य को छिपाने के लिए वहां से उठाकर अपने डेरे से 200 मीटर दूर धान के खेत में फेंक दिया। अभियुक्त के निशानदेही पर मकई के खेत से एक चिलम व माचिस जमीन के अंदर से बरामद की गई। गिरफ्तार करने वाली टीम में नरही प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर मिश्रा, उप निरीक्षक दिनेश पाठक, का. राहुल प्रसाद, अनूप गोंड, धर्मराज आदि रहे।
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