बलिया। एनएच-31 को गंगा नदी के कटान से बचाने के लिए लगभग 15 करोड़ से कटानरोधी कार्य चल रहा है। इसमें बोल्डर के साथ ही पिचिंग का कार्य होगा। लगभग 15 करोड़ की लागत से माल्देपुर के सामने कटान रोकने के लिए 500 मीटर तक अवरोधक बनेगा। इसमें बोल्डर के साथ ही उसकी पिचिंग का कार्य होगा, जिससे उसकी मजबूती बनी रहेगी। कटान को रोकने के लिए 13 कटर बनाए जा रहे हैं। इन कटरों के बीच पिचिंग का कार्य किया जा रहा है।
बोल्डर से तैयार हो रहे कटर का कार्य अब अंतिम चरण में चल रहा है। बाढ़ विभाग हर हाल में फरवरी तक तैयार करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। एनएच-31 से गंगा नदी के मात्र आठ सौ मीटर पर आने के बाद बाढ़ विभाग ने कार्य योजना तैयार की थी। बोल्डर से तैयार कटरों के बीच में पिचिंग का कार्य शुरू हो गया है, ताकि नदी की धारा को मोड़ा जा सके। गंगा व तमसा के संगम के कारण माल्देेपुर के सामने हर साल कटान होती है। बाढ़ विभाग ने शासन को निरोधात्मक कार्य कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद शासन ने धनराशि जारी की है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया था। अधिशासी अभियंता बाढ़ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि निर्धारित सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण करा लिया जाएगा। कटर तैयार होने से गंगा नदी की बदलने की पूरी उम्मीद है।