बलिया। जिले में अन्नपूर्णा भवन बनाने का कार्य तेज हो गया है। सरकार की तरफ से 17 ब्लाॅकों में 170 अन्नपूर्णा भवन बनाने का लक्ष्य मिला हैं। लक्ष्य के सापेक्ष 160 ग्राम पंचायतों में चयन का कार्य पूरा हो गया है। भवनों को तैयार करने में 14.40 करोड़ का खर्च होगा। एक दुकान को बनाने में अधिक से अधिक लगभग 9 लाख रुपये खर्च किए जा सकते हैं। प्रशासनिक स्तर से ब्लाॅकवार लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है।
आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर कोटे की दुकानों को आधुनिक बनाने के लिए उन्हें अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया गया था। भवन में न सिर्फ खाद्यान्न बल्कि 40 से अधिक जीवनोपयोगी सामग्री भी मिलनी है। इसमें कुछ जगहों पर अभी भूमि चिह्नित करने के लिए सर्वे प्रक्रिया चल रही है। इन अनाज भंडारण केंद्रों पर दुकानदार अपने अनाज को सुरक्षित रख सकेंगे। वे बोरियों में चावल और गेहूं जमा कर सकेंगे। स्मार्ट लाइट से सुसज्जित होने के कारण ये अन्नपूर्णा भवन अन्य गोदामों से अलग दिखाई देंगे। जिले में 1410 कोटे की दुकानों का संचालन होता है। इसका निर्माण मनरेगा योजना व राज्य वित्त से संयुक्त रूप से किया जाएगा।
इन गांवों में अन्नपूर्णा भवन पर कार्य प्रारंभ
जिले में 17 ब्लाॅकों के 12 गांवों में अन्नपूर्णा भवन पर कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसमें ब्लाॅक बांसडीह के इंदौरा, बेरुआरबारी के हरिपुर, आसचौरा, चिलकहर की डुमरी, खलीलपुर व परसिया, दुबहड़ के आमघाट, गड़वार के भलुही, थुम्हाउत्तम व चवारी, मनियर के जिगिरसर, अहिरौली तिवारी व अजनेरा, पंदह के मेवली खनासपुर, किकौड़ा, रतसीमेहमापुर, सीयर के कुशहर असिदपुर व सोहांव के ग्राम पंचायत पिपराकला व मेड़वाराकाल में कार्य प्रारंभ हो गया है।
अन्नपूर्णा भवन बनाने का कार्य कई ग्राम पंचायतों में प्रारंभ हो गया है। अभी कुछ गांवों में स्थल चयन का कार्य चल रहा है। सभी चयनित जगहों पर कार्य शुरू करना प्राथमिकता पर है। इसके लिए ब्लाॅक स्तर पर टीम लगी हुई है। प्रतिदिन इसकी समीक्षा भी की जा रही है। - रिचा सिंह, डीसी मनरेगा