बलिया। पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल की शिकायत पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके यादव के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री ने सीएमएस पर शासन की मंशा के विपरीत आचरण करने का आरोप लगाया था। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी की लापरवाही के कारण सीएचसी, पीएचसी पर स्वास्थ्य व्यवस्था खराब होने के भी आरोप लगाए थे।
महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण लखनऊ ने शिकायत का संज्ञान लेकर एडी आजमगढ़ डॉ. विजय सिंह को मामले की जांच का निर्देश दिया है। अपर निदेशक लखनऊ ने पत्र के माध्यम से बताया कि पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने 31 मई को सीएम से मिलकर शिकायत की थी। बताया था कि जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके यादव के भ्रष्ट एवं शासन की मंशा के विपरीत किए जा रहे आचरण के कारण जिला चिकित्सालय में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। इससे आम जनता को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बर्न वार्ड में खराब एसी से मरीजों को परेशानी हो रही है। सीएमएस एवं अन्य चिकित्सकों की मिलीभगत से समय से ओपीडी संचालित नहीं होने से दूरदराज से आने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है। सीएचसी-पीएचसी पर तैनात अधिकतर चिकित्सक सीमावर्ती राज्य बिहार के हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी का इन पर नियंत्रण न होने के कारण ज्यादातर चिकित्सक अनुपस्थित रहते हैं। मामले की जांच कर साक्ष्यों सहित रिपोर्ट महानिदेशालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
शासन की मंशा के अनुरूप जिला अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा मिले, इसके लिए पूरी टीम के साथ 24 घंटे तत्पर रहता हूं। - डॉ. एके यादव, सीएमएस, जिला अस्पताल।
सभी सीएचसी पीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर बाॅयोमेट्रिक मशीन से हाजिरी होती है। गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और उनकी सेलरी नहीं दी जाती है। - डॉ. संजीव वर्मन, सीएमओ।