रेवती/बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते 16 घंटे में 13 सेमी की छलांग लगा मंगलवार की शाम चार बजे सरयू का जलस्तर खतरा बिन्दु से 99 सेमी ऊपर 58.99 मीटर पर पहुंच गया है। नदी के इस बढ़ाव से नवका गांव, देवपुर मठिया, धूपनाथ का डेरा, बैजनाथ का डेरा आदि गांवों का सड़क संपर्क पानी से घिरने के कारण टूट गया है।
रेवती क्षेत्र में नदी के बढ़ाव से नवकागांव, देवपुर मठिया, धूपनाथ का डेरा, बैजनाथ का डेरा आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों का सड़क मार्ग से सम्पर्क टूट गया है। गांव के वाशिंदों ने राहत सामग्री वितरण की मांग की है। नदी के बढ़ाव का क्रम आगे भी जारी रहने की उम्मीद जताई गई है। नदी के इस बढ़ाव से पानी ने टीएस बन्धा के बाहरी क्षेत्र स्थित गांवों को घेर लिया है। धूपनाथ का डेरा निवासी पूर्व प्रधान धूपनाथ यादव ने बताया कि फसलों के डूबने के चलते मवेशियों के चारे का अभाव हो गया है। गांव में दो छोटी नौकाएं मिली हैं। पानी से घिरे लोगों के बीच राशन वितरण शुरू होना चाहिए। नवकागांव के प्रधान संजय यादव ने बताया कि गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। गांव का शिव मन्दिर तथा पासवान बस्ती के घर डूब गए हैं। भारी कठिनाइयों में जीवन बीत रहा है। मठ नाग नाथ (देवपुर मठिया) गांव भी पानी से घिरा हुआ है। बिन्द तथा पासवान बस्तियों के घर नदी के पानी में पूर्ण रूप से डूब गये हैं।गांव के प्रधान शैलेश सिंह ने बताया कि बाढ़ से घिरे गांव के लोगों की लिस्ट बन रही है। दो से तीन दिन के अंदर राहत सामग्री का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
उधर बेल्थरा रोड में सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी है। तटवर्ती वाशिंदे सहम गए हैं। मंगलवार की शाम जल स्तर 64.330 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 मीटर से 32 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। हाहानाला से टगुनिया तक कई किलोमीटर विस्तृत भू-भाग में नदी का पानी फैल गया है। चैनपुर गुलौरा के पास टीएस बंधा पर करीब दो फुट ऊपर तक पानी पहुंच गया है। हाहानाला, तुर्तीपार व हल्दीरामपुर रेगुलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है। तुर्तीपार के अनुसूचित बस्ती व मल्लाह बस्ती में पानी पहुंच गया है। उधर, कोईली मोहान ताल में उफान है। ताल का पानी आसपास के दर्जनों ग्रामों में फैल गया है। तटवर्ती ग्रामों की फसल डूब कर बर्बादी के कगार पर है। सहतवार के दर्जनों गांव पानी में अपना आशियाना डूबते देख रोने पर वि वश हैं। बाढ़ प्रभावित रामपुर नम्बरी, रेगहा, कोलकाला, बिन्द बस्ती, चादपुर पुरानी बस्ती, सहित दर्जनों इलाकों में लोगों की नीद गायब है।