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UP: घर से 3 KM दूर बुजुर्ग का शव उतारकर लौट गया एंबुलेंस चालक, घंटों भटकने के बाद ठेले से शव ले गए परिजन

Tue, 19 Mar 2024 01:37 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। जिसके बाद शव वाहन से बुजुर्ग का शव लेकर परिवार वाले घर आ रहे थे। इस दौरान चालक ने घर से तीन किमी दूर ही शव उतार दिया। जिससे घरवालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और अंत में उन्हें ठेले से शव घर ले जाना पड़ा। 
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ballia news - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मनियर थाना के दियरा बहदुरा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। शासन के लगातार निर्देशों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही देखने को मिल रही है। 

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शव वाहन चालक एक 70 वर्षीय वृद्ध के शव को घर न पहुंचाकर तीन किलोमीटर पहले ही सड़क पर उतारकर फरार हो गया। ग्रामीणों को समझाने के बावजूद घर तक लेकर नहीं गया। परिजन किराये के ठेले पर शव लादकर घर पहुंचे। इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। ठेले पर शव ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।  

जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर दियरा बहदुरा गांव निवासी हीरा राजभर की तबियत खराब होने पर परिजन जिला अस्पताल में भर्ती कराए थे, वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वजन निशुल्क शव वाहन (एंबुलेंस) से शव को घर ले जा रहे थे। इस दौरान घर तक एंबुलेंस जाने का रास्ता होने के बावजूद तीन किमी दूर सड़क पर शव उतार कर एंबुलेंस चालक वापस लौट गया। 
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मृतक का बेटा देवेंद्र राजभर परिजन संग काफी देर तक शव को लेकर इधर-उधर घूमता रहा, अंत में कुछ लोगों की मदद से किराए का ठेला लेकर शव को घर ले गया। उनकी परेशानी देख लोग स्वास्थ्य विभाग को कोसते नजर आए।  
 
ग्रामीणों के कहने के बाद भी उतार दिया शव  
जिला अस्पताल के शव वाहन का चालक जब घर से तीन किमी पूर्व शव उतारने लगा तो स्थानीय लोगों ने विरोध किया। एक व्यक्ति इसका वीडियो भी बनाने लगा, लेकिन शव वाहन चालक परिजनों को डांटते हुए शव को वहीं उतार दिया।   

क्या कहते हैं अधिकारी
सभी शव वाहन चालकों को निर्देश है कि शव को घर तक पहुंचाएं। पगडंडी व रास्ता न होने पर घर के पास किसी स्थान पर परिजनों को सुपुर्द कर दें। बहादुरा गांव के मामले की जांच की जा रही है और शव चालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। -डॉ. विजयपति द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी  

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