शराबबंदी लागू होने के बिहार के पीने-पिलाने के शौकीन अब उत्तर प्रदेश का रुख करने लगे हैं। बिहार सीमा से सटा भरौली गोलंबर गुलजार होने लगा है। यहां शराब की बिक्री में एक सप्ताह के भीतर आठ गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है। मांग इतनी है कि क्षेत्रीय दूकानदार उसे पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
पीने वाले दस किलोमीटर दूर तक शराब लेने जा रहे हैं। केवल भरौली ही नहीं बल्कि गंगा पार के अन्य क्षेत्रों से भी शौकीन आसपास के यूपी की दूकानों से शराब खरीद रहे हैं। शराब की तस्करी रोकने के लिए भरौली-बक्सर के बीच बने वीर कुंवर सिंह सेतु पर बिहार की पुलिस कैंप कर वाहनों की चेकिंग कर रही है।
मगर सीमावर्ती इलाकों के शराब को शौकीनों को वह रोक नहीं पा रही है। पीने वालों ने अब अपना शाम का ठिकाना यूपी की चट्टियों को बना दिया है। भरौली और आसपास के इलाकों तथा गंगा के पार के कुछ क्षेत्रों में शराब की दूकानों पर बिहार के पीने वाले पहुंचने लगे हैं। पहली अप्रैल से शराब के भाव में हुई गिरावट हुई।
उसके बाद ही बिहार में मंदिरा पर प्रतिबंध लग गया। उसके बाद से बिहार के पियक्कड़ों ने बलिया के सीमावर्ती इलाकों का रुख कर लिया। भरौली गोलंबर पर पीने वालाों का मजमा लगने लगा है। शराब की बिक्री में आठ गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। देशी शराब के सेल्समैन कृष्णानंद पांडेय ने बताया कि पटना, आरा, बिहिया, डुमरांव, नदांव आदि जगहों से पीने वाले आ रहे हैं।
बिहार में शराब पर इतनी सख्ती है कि बाइक, आटो रिक्शा, लक्जरी गाडिय़ों की सघन चेकिंग चल रही है। ऐसे में लोग यहीं खरीद और पी रहे हैं। भरौली और आसपास के
इलाकों में पीने वालों का जमावड़ा सुरक्षा की दृष्टि से भी खरनाक है और पुलिस के लिए सरदर्द बना हुआ है।