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देश में शिक्षा की स्थिति चिंताजनक : केदारनाथ

Tue, 08 Sep 2015 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
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नवानगर क्षेत्र के ज्ञान कुंज सीनियर सेकेंड्री एकेडमी वंशीबाजार में मंगलवार को विद्यालय की पत्रिका ‘तरंग प्रवेशांक’ का विमोचन हिंदी साहित्य के सर्वोच्च पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार से पुरस्कृत डा. केदारनाथ सिंह ने किया। इस दौरान सभा में उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है।
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डा. सिंह ने कहा कि किसी समय पूरा देश ज्ञान कुंज था, जिसका केेंद्र नालंदा और तक्षशिला हुआ करता था। तक्षशिला अब पाकिस्तान में है। नालंदा बिहार में। पहले विदेशों से शिक्षा ग्रहण करने पैदल इन विद्यालयों में लोग आते थे लेकिन आज शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है।

देश के 90 फीसदी विद्यालयों की गुणवत्ता नीचे चली गई है, वहीं पूरे देश में अच्छे अध्यापकों की भारी कमी है। निराशावादी नहीं होना चाहिए, हमेशा कुछ करने की कोशिश जारी रखनी चाहिए। आज शिक्षा के क्षेत्र में चीन और बंगलादेश अच्छा कार्य कर रहे हैं।
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हमें भी शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए निचले स्तर से प्रयास करना होगा। आज इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र का विद्यालय निश्चित ही एक दिन अपने मुकाम पर पहुंचेगा। इस दौरान कहा कि गांव की मिट्टी से निकला हूं, इसलिए गांव को नहीं छोड़ता हूं।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत डा. केदारनाथ सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद बच्चों ने वंदना गीत, स्वागत गीत और कविता प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्या सुधा पांडेय ने स्मृति चिह्न और प्रबंधक बीएन सिंह ने डा. सिंह का स्वागत किया।

ज्योति स्वरूप पांडेय ने आभार जताया। इस मौके पर डा. अखिलेश सिंह, उदय नारायण सिंह, अरविंद यादव, शीला सिंह, प्रियंका त्रिपाठी, शोकहरण उपाध्याय, आनंद गुप्ता आदि मौजूद थे। संचालन आदित्य कुमार पांडेय ने किया।
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