साक्षरता कार्यक्रम एक सामाजिक कार्य है। इस योजना से जुड़ा हर व्यक्ति निरक्षता उन्मूलन के संकल्प को पूरा करने में लगा है। समाजवादी पेंशनर और उसके परिवार के निरक्षर को साक्षर बनाने की नई चुनौती प्रेरकों के सामने है।
उपरोक्त विचार साक्षर भारत कार्यक्रम के पूर्णकालिक अधिकारी अतुल तिवारी ने व्यक्त की। वह अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर ब्लाक संसाधन केंद्र दुबहर के सभागार में विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र दुबहर में चलाए जा रहे साक्षरता कार्यक्रम की सराहना की।
बतौर विशिष्ट अतिथि बीईओ सुनील कुमार ने कहा कि निरक्षरता उन्मूलन की दिशा में सार्थक प्रयास करने की जरूरत है। हर प्रेरक के पास पड़ोस के निरक्षर को साक्षर बनाकर भारत को साक्षर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेरक निर्मल पांडेय के सरस्वती वंदना और टीचर ज्योति सिंह के स्वागत गीत से हुआ।
एबीआरसी ओमप्रकाश राय, श्रीकांत दूबे, प्रेरक संघ के संरक्षक विजय कुमार सिंह ने भी प्रेरकों को संबोधित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में शशिप्रभा पांडेय, आरती ठाकुर, मनी चौबे, अंकेश गिरी आदि ने कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी।
ब्लाक समन्वयक कृष्णकांत पाठक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को सम्मानित किया। इस मौके पर प्रेरक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अजीत पाठक, अख्तर अली, भोला, आशुतोष सिंह, समीम अंसारी, अंकेश गिरी आदि लोग मौजूद रहे। संचालन विद्यासागर गुप्त ने की।