गंगा और घाघरा के बीच में बसा द्वाबा हर साल आग की तबाही का दंश झेलता है। गर्मी के दिनों में द्वाबा में लगने वाली आग से लोगों की सुरक्षा के नाम पर मात्र एक छोटी फायर ब्रिगेड की गाड़ी उपलब्ध है। हालात यह है यह गाड़ी किसी तरह घटना स्थल पर पहुंच जाती है। लेकिन पानी के अभाव में फायर बिग्रेड अपने काम को अंजाम नहीं दे पाती। आग बुझाने में लेटलतीफी से विभाग को ग्रामीणों की नाराजगी झेलनी पड़ती है।
द्वाबा आग के मामले में काफी संवेदनशील है। आए दिन आग की कहर द्वाबा में बरपती रहती है। लेकिन शासन प्रशासन इससे निजात पाने के लिए मात्र एक छोटी सी गाड़ी है। ऐसे में आग को बुझाने के लिए जिला मुख्यालय से अग्रिशमन गाडिय़ों को जाना पड़ता है।
तब तक आग में सब कुछ समाप्त हो चुका होता है। सबसे खराब स्थिति तब होती है, जब द्वाबा में एक ही साथ कभी-कभी कई जगहों पर आग लग जाती है। यही नहीं कभी-कभी तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी तो समय पर पहुंच जाती है,
लेकिन पानी के अभाव में बेमतलब साबित होती है। इस मामले का संज्ञान में लेते हुए छोटे लोहिया स्व. जनेश्वर मिश्र की पुत्री दर्जा प्राप्त मंत्री मीना तिवारी ने शासन-प्रशासन के साथ ही डीजीपी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए गर्मी के दिनों में बड़ी वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।