चक्की नौरंगा गांव में कटान के चलते नदी के तरफ झुका मकान।जागरुक पाठक
मझौवां। गंगा नदी का जलस्तर आधा सेमी प्रतिघंटे घट रहा है। लगातार 65 दिनों से नदी के उतार-चढ़ाव के बीच पानी से घिरे गांवों में लोगों को राशन-पानी का संकट हो गया है। बाढ़ का पानी गांवों से निकलने के बाद सड़न और दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। संक्रमण का खतरा बरकरार है। अब भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। पचरुखिया से लेकर गायघाट तक गंगा का पानी भरा हुआ है। सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, वंश गोपाल छपरा, मिश्र के मठिया, बुधनचक, मुरली छपरा, नौरंगा भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला के कई हिस्सों में बाढ़ के बाद 50 हजार की आबादी प्रभावित हुई। चक्की नौरंगा में कई मकान गंगा में समाहित हो गए। कटान पीड़ित विनोद ठाकुर, रवींद्र ठाकुर, संतोष ठाकुर, संजय ठाकुर, अखिलेश ठाकुर सहित अन्य ग्रामीण जलस्तर घटने के लिए पूजन अर्चन कर कटान से मुक्ति दिलाने की गंगा से गुहार लगाया जा रही है। बस्तियों में सड़न भरी दुर्गंध फैलने से लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
बाढ़ में बहकर आई अपशिष्ट सामग्री का अंबार लग गया है, जिसके कारण सड़ांध फैलने लगी है। कई इलाकों में पानी के निकासी की समस्या भी बनी हुई है। पीड़ित दीनानाथ तिवारी ने बताया कि बाढ़ के बाद घरों में घुसे पानी ने हमारी जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रोज घर की सफाई कर रहे हैं, लेकिन स्थिति तब तक ठीक नहीं होगी जब तक पूरी बस्ती से गंदगी का निस्तारण नहीं होगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर मंगलवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 58.770 मीटर दर्ज किया गया। आधा सेमी प्रति घंटे की दर से जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। नदी खतरे के निशान 57.615 से 1.115 मीटर अधिक है।
चक्की नौरंगा में अब तक 139 मकान गंगा में समा गए , 85 को मिली सहायता : मझौवां। गंगा नदी की दक्षिण दिशा में स्थित चक्की नौरंगा गांव में बाढ़ से खासा नुकसान हुआ है। अब तक 139 मकान गंगा में विलीन हुए हैं। इसमें 120 पक्के व 19 कच्चे मकान हैं। प्रशासन की तरफ से अब तक लगभग 85 कटान पीड़ितों को गृह अनुदान मिला है। एसडीएम आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि अन्य कटान पीड़ितों को सहायता देने की कार्यवाही चल रही है।
चक्की नौरंगा गांव में कटान के चलते नदी के तरफ झुका मकान।जागरुक पाठक