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Ballia News: धन उगाही में अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी निलंबित, दुर्गा प्रसाद बने नए एएसपी

Thu, 26 May 2022 12:47 PM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, बलिया

सार

बलिया के अपर पुलिस अधीक्षक पद पर दुर्गा प्रसाद तिवारी को तैनात किया गया है।  वो विजय त्रिपाठी की जगह जिले की कमान संभालेंगे।  विजय त्रिपाठी को धन उगाही और उच्चधिकारियों को गलत सूचना देने पर निलंबित कर दिया गया है। 
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दुर्गा प्रसाद तिवारी बीच में (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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 शासन ने बलिया के अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी को निलंबित करने के बाद नए एएसपी की तैनाती कर दी है। बलिया के अपर पुलिस अधीक्षक पद पर दुर्गा प्रसाद तिवारी को तैनात किया गया है। वह मूलरूप से प्रतापगढ़ के निवासी हैं। इससे पहले बुधवार को विजय त्रिपाठी को दवा व्यवसायी से संबंध व धन उगाही तथा उच्चधिकारियों को गलत सूचना देने पर निलंबित कर दिया गया। उनको पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।  

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विजय त्रिपाठी के खिलाफ इसी वर्ष जांच शुरू हुई। मंडलाधिकारी विशेष शाखा अभिसूचना विभाग की गोपनीय छानबीन में कहा गया है कि तैनाती के बाद ही एएसपी की बैरिया के ग्राम चकिया के मूल निवासी विकास कुमार सिंह से जान पहचान हुई। विकास इस समय वाराणसी के दुर्गा कुंड में दवा का व्यवसाय करता है।

एएसपी ने पुलिस अधीक्षक समेत सभी से उसका इंटेलिजेंस के अधिकारी के रूप में परिचय कराया। उनका विकास के घर लगातार आना-जाना रहा। जब यहां विधानसभा के ऑब्जर्वर पहुंचे तो उनसे भी मुलाकात कराई। जांच में एएसपी पर विकास के माध्यम से धन उगाही की बात भी सामने आई। शासकीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के विपरीत आचरण करने में उनको निलंबित कर दिया गया।

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विकास ने एएसपी के साथ से सब पर जमाई धौंस

मंडलाधिकारी विशेष शाखा अभिसूचना विभाग की गोपनीय छानबीन में कहा गया है कि विकास सिंह नेताओं और अधिकारियों के यहां घूमता रहता और उनके साथ फोटो क्लिक कराता था। अधिकारियों से अच्छे संबंध होने का दावा कर उनका कार्य करवाने की जिम्मेदारी लेता था। कभी वह खुद को सचिवालय में ऊंचे पद पर कार्यरत बताता तो कभी इंटेलिजेंस में।
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एएसपी के साथ रहने से वह पुलिस थानों पर अपना प्रभाव डाल कर काम करवाता था। बैरिया के तत्कालीन थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह और और थानाध्यक्ष संजय सरोज ने इस बात की पुष्टि की। रिपोर्ट में कहा गया कि अपर पुलिस अधीक्षक  विजय त्रिपाठी द्वारा एक सामान्य प्राइवेट व्यक्ति को इंटेलिजेंस का सरकारी बताकर उच्चाधिकारियों से परिचय कराना लगातार उसके संपर्क में रहना एवं उसके घर पर आकर खाना-पीना करने से गलत ढंग से धन प्राप्त करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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