मंडलाधिकारी विशेष शाखा अभिसूचना विभाग की गोपनीय छानबीन में कहा गया है कि विकास सिंह नेताओं और अधिकारियों के यहां घूमता रहता और उनके साथ फोटो क्लिक कराता था। अधिकारियों से अच्छे संबंध होने का दावा कर उनका कार्य करवाने की जिम्मेदारी लेता था। कभी वह खुद को सचिवालय में ऊंचे पद पर कार्यरत बताता तो कभी इंटेलिजेंस में।
एएसपी के साथ रहने से वह पुलिस थानों पर अपना प्रभाव डाल कर काम करवाता था। बैरिया के तत्कालीन थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह और और थानाध्यक्ष संजय सरोज ने इस बात की पुष्टि की। रिपोर्ट में कहा गया कि अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी द्वारा एक सामान्य प्राइवेट व्यक्ति को इंटेलिजेंस का सरकारी बताकर उच्चाधिकारियों से परिचय कराना लगातार उसके संपर्क में रहना एवं उसके घर पर आकर खाना-पीना करने से गलत ढंग से धन प्राप्त करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।