बलिया। जिले में ठेले से महिला को अस्पताल ले जाने और मौत के मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची है। इस मामले में बुधवार को जांच करने के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा आजमगढ़ के अपर निदेशक डा. पीके मिश्र जिला अस्पताल पहुंचे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. वेद व्रत सिंह ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नीरज पांडेय से रिपोर्ट मांगी थी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने रिपोर्ट में लिखा कि अंदौर गांव के रहने वाले सुकुल प्रजापति के पास मोबाइल फोन नहीं था। ऐसे में वह बीमार पत्नी जोनिया देवी को अस्पताल ले जाने के लिए एबुलेंस नहीं बुला सके और रास्ते में ही मौत हो गई। इस रिपोर्ट से वह संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद अपर निदेशक को बलिया जांच के लिए भेजा। जिसमें अपर निदेशक पहले चिलकहर के अंदौर गांव गए। वहां बुजुर्ग सुकुल प्रजापति का बयान दर्ज किया। बुजुर्ग द्वारा बताया गया कि उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन नहीं किया। इसके बाद अपर निदेशक चिलकहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गए। वहां के चिकित्सकों से भी पूछताछ की। चिकित्सक ने बताया कि महिला के शरीर में खून की कमी थी। इसलिए उसे जिला अस्पताल जाने की सलाह दी गई। यहां से जांच करने के बाद एडी सीएमओ कार्यालय पहुंचे और घटना से संबंधित पूरी जानकारी ली। महिला की मौत के बाद जिला अस्पताल से शव वाहन नहीं मिलने के मामले की भी जांच की। इस दौरान देखा कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर और अन्य स्थानों पर भी लिखा है। शव वाहन के लिए संपर्क करें। नीचे शव वाहन के प्रभारी का नंबर भी दर्ज था। इस बाबत डा. पीके मिश्र, अपर निदेशक, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, आजमगढ़ ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। जांच में संबंधित व्यक्ति का बयान भी दर्ज किया गया है। उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन नहीं किया था। शव वाहन के मामले में जिम्मेदारों से पूछताछ की जा रही है।