बलिया। शहर में सीवर निर्माण में गड़बड़ी उजागर होने पर जिलाधिकारी ने जलनिगम के मुख्य अभियंता को पत्र भेज कर सीवर निर्माण का कार्य जल्द पूरा कराने और पूर्व में हुए कार्य को ध्वस्त करने की बात कही थी लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
शहर में वर्ष 2006-07 में सीवर योजना की शुरुआत कुल 97.22 करोड़ की धनराशि से हुई। इस धनराशि से सीवर व एसटीपी का निर्माण होना था। निर्माण के लिए शहर को दो भागों सिटी जोन व सिविल लाइन जोन में बांटा गया। शासन की ओर से सीवर निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम को दी और विभाग ने इस कार्य को मेसर्स ज्योति बिल्डर को ठेका दे दिया। सीवर कार्य का ठेका देने से लेकर निर्माण अनियमिता की गई। शहर के एनसीसी तिराहे पर करीब सात माह से बीच सड़क पर खोदाई करके छोड़े जाने को लेकर लोगों ने आंदोलन भी किया। इसको देखते हुए डीएम ने दिसंबर 18 में जल निगम से पूरी रिपोर्ट मंगाई और पड़ताल के बाद सीवर निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए पांच दिसंबर 18 को विभाग के मुख्य अभियंता वाराणसी वीपी मिश्रा को पत्र भेजा। इसके बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की गई तो डीएम ने दो मार्च 19 को मुख्य अभियंता वाराणसी को फिर पत्र भेजा। डीएम ने पत्र में बताया था कि सीवर निर्माण मानक के अनुकूल नहीं है। कुछ क्षेत्रोें में गैप है। सीवर निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्घ अनुशासनिक कार्रवाई की जाए और गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रभारी मुख्य अभियंता जलनिगम वाराणसी एसके राय ने बताया कि बलिया के सीवर निर्माण मामले में जिलाधिकारी के डीओ लेटर भेजने के बारे में पूरी जानकारी नहीं है क्योंकि मुख्य अभियंता अवकाश पर हैं। वह आज ही प्रभार लिए हैं। डीओ लेटर की जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।