यूपी के बलिया जल निगम में अधिशासी अभियंता व अधीनस्थ अभियंताओं के बीच की अनबन खुलकर सामने आने लगी है। कुछ दिनों पहले जहां अधिशासी अभियंता ने सहायक व अवर अभियंताओं के साथ काम नहीं करने की बात करते हुए अधीक्षण अभियंता को इस्तीफा भेजा था, वहीं अब डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने अधिशासी अभियंता पर कई आरोप लगाते हुए अधीक्षण अभियंता को पत्र भेजा है।
उन्होंने एक्सईन पर पिस्टल व राइफल दिखाकर धौंस दिखाने जैसे गंभीर भी आरोप लगाए हैं। जल निगम की ओर से कराए जा रहे सीवर निर्माण में धांधली व भ्रष्टाचार को लेकर एक तरफ डीएम शिकंजा कस रहे हैं तो वहीं अंदरखाने एक्सईएन व अधीनस्थ अभियंता आमने-सामने हैं। डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन जल निगम के जिलाध्यक्ष अभिषेक रंजन व सचिव आजाद कुमार ने 19 सितंबर को अधीक्षण अभियंता अस्थाई निर्माण मंडल आजमगढ़ को पत्र भेजा है।
पत्र में आरोप है अधिशासी अभियंता कायम हुसैन जूनियर इंजीनियरों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। 26 अगस्त 2019 को भी पत्र भेजने की बात सामने आई है। पत्र में आरोप है कि एसटीपी व सीवर कार्य को योजनाबद्घ तरीके से नहीं कराया जा रहा है। पूर्व में किए गए कार्यों से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं हैं। एसटीपी पर बीएचयू टीम द्वारा किए गए निरीक्षणों की छाया प्रति न तो विभागीय कार्य में लगाई जाती है और न ही संबंधित अनुबंध में चस्पा किया जाता है।
एक्सईएन की ओर से 19 अगस्त 19 को ठेकेदार को निर्देश जारी किया गया कि रिइन्फॉसमेंट की स्पेसिंग सही करने के लिए सभी एसटीपी को ध्वस्त करते हुए पुन: कार्य कराएं, लेकिन उन्होंने एसटीपी को बिना ध्वस्त किए एई व जेई की अनुपस्थिति में ढलाई का कार्य करा दिया। आरोप है कि एक्सईएन कार्यालय में लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर आते हैं एवं मीटिंग में बुलेट लोड करते हुए कहते हैं कि मुझे परेशान करोगे तो सबसे पहले सामने वाले को छह गोली दूंगा। इससे सभी जेई सहमे हुए हैं। कुछ दिनों पहले अपनी गाड़ी में बेवजह राइफल से फायरिंग की थी।
डिप्लोमा इंजीनीयर्स संगठन की ओर से भेजा गया पत्र मिला है। कई आरोप काफी गंभीर हैं। जांच कराई जाएगी।
एमसी श्रीवास्तव, एसई, जल निगम, आजमगढ