भीमपुरा। थाना क्षेत्र के सिकरिया गांव निवासी गुलशन यादव की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने बड़े भाई राजेश कुमार यादव के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता ने राजेश पर शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में कूटरचना और जन्मतिथि में हेराफेरी कर सिंचाई विभाग में मृतक आश्रित कोटे से सींचपाल के पद पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया है। एसीजीएम न्यायालय में दाखिल वाद के अनुसार, शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजेश कुमार यादव की हाईस्कूल से लेकर इंटरमीडिएट और स्नातक तक की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज है।
आरोप है कि वर्ष 1999-2000 में राजेश ने सुदर्शन कृषक इंटर कॉलेज किड़िहरापुर से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसमें उनकी जन्मतिथि तीन अगस्त 1984 दर्ज बताई गई है। बाद में हाईस्कूल की मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेजों में जन्मतिथि बदलकर एक जनवरी 1995 कर दी गई। इसी जन्म तिथि पर इंटरमीडिएट और स्नातक की डिग्री ली गई है।
गुलशन यादव का आरोप है कि कथित कूटरचित प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर राजेश ने सिंचाई विभाग में मृतक आश्रित कोटे से सींचपाल के पद पर नौकरी प्राप्त की। मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
एसओ रंजीत विश्वकर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।