बेल्थरारोड। संतपति स्वामी शिवनारायण जी महाराज के जन्मोत्सव पर बुधवार को ससनाधाम में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ा। नेपाल और बांग्लादेश समेत देश के 12 प्रांतों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने समाधि स्थल पर मत्था टेका।
भव्य प्रभातफेरी, आकर्षक झांकी, संत समागम और दिनभर चले भंडारे ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया। अखिल विश्व श्री संतपति स्वामी शिवनारायण धर्मार्थ ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित समारोह में विश्वगुरु संत अमरजीत जी महाराज की देखरेख में शोभायात्रा निकाली गई। ससनाधाम से शुरू हुई यात्रा ने गांव का भ्रमण किया। इस दौरान श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए संतपति महाराज के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते रहे। संतों के सानिध्य में सदाचार, संयम, नशामुक्ति, मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।
समारोह में छपरा स्थित जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हरिकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नेपाल के मेयर नागेश्वर प्रसाद, संतपति पंथ के नेपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा पलटन दास जी महाराज, मुल्की महंत लल्लन दास जी महाराज और विख्यात प्रवचनकर्ता स्वामी अनुपानंद जी महाराज सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों और गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। ट्रस्ट के अध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह और विश्वगुरु संत अमरजीत जी महाराज ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
विश्वगुरु संत अमरजीत जी महाराज ने कहा कि संतपति महाराज की शिक्षाएं आज भी लोगों को सदाचार, संयम और नशामुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा देती हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर व्यक्ति स्वयं के साथ समाज के कल्याण में भी योगदान दे सकता है। संतों ने प्रवचन के माध्यम से नैतिक मूल्यों, मानव सेवा और सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए गुरु परंपरा की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं बिरहा गायक चंद्रकिशोर पांडेय ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। परिसर के आसपास पूजा सामग्री और खानपान की दुकानें सजी रहीं। दिनभर महाप्रसाद वितरण चलता रहा और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। समारोह में ट्रस्ट के ट्रस्टी अध्यक्ष मनोज सिंह, कथावाचक सूर्यभान सिंह, कवि जितेंद्र स्वाध्यायी, सुजीत दास जी महाराज, अंशु राय, पायल सिंह सहित संत, साहित्यकार और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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संतों की शरण से मानव जीवन का कल्याण संभव : अनुपानंद
विख्यात भागवत कथा वाचक स्वामी अनुपानंद जी महाराज ने कहा कि संतों का सानिध्य व्यक्ति को सदाचार, संयम और सेवा की प्रेरणा देता है। संतों की शरण में आने से मानव जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि जन्मोत्सव पर आयोजित संत समागम आध्यात्मिक चेतना जगाने और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का प्रभावी माध्यम है।
नेपाल-बांग्लादेश समेत 12 प्रांतों के अनुयायियों का समागम
जन्मोत्सव में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों शिवनारायणी अनुयायी पहुंचे। बांग्लादेश के खुलना जिले के बीकॉम छात्र शिबोम राम और जयपुरहाट जिले से आए संत रतन, शिवलाल, रामफल, रक्मिणी व मुनिया ने भी समाधि स्थल पर मत्था टेककर श्रद्धा जताई। विभिन्न देशों और राज्यों से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने ससनाधाम को व्यापक धार्मिक समागम का केंद्र बना दिया।