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जिले में आई छह हजार टैबलेट की खेप,तकनीकी जॉच के लिए बनीं कमेटी

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बलिया। विधानसभा चुनाव के चलते अधर में लटकी टैबलेट और स्मार्ट फोन के वितरण की आस एक बार फिर जग गई है। इस बार जिले के मेघावी विद्यार्थियों में स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरण करने के लिए छह हजार टैबलेट की खेप बुधवार को जिले में पहुंची, जिसे माडल तहसील के द्वितीय तल पर बने गोदाम में सुरक्षित रखवाया गया है। योजना के नोडल अधिकारी व सीआरओ विवेक कुमार श्रीवास्तव ने तीन सदस्यी कमेटी बनाकर बीस टैबलेटों का परीक्षण कर पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने का निर्देश दिया है। सीआरओ द्वारा गठित जिला स्तरीय टीम में मुख्य रुप से आईटीआई के प्रधानाचार्य रविंद्र पटेल, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी निजामुद्दीन अंसारी और आईटीआई के व्याख्याता विवेक कुमार वर्मा शामिल है।
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बता दें कि विधान सभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटर पास कर स्नातक में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन और तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को टैबलेट देने की घोषणा की थी। इसके लिए जिलेभर से स्नातक कर रहे 56020 विद्यार्थियों, आईटीआई कर रहे 2900 विद्यार्थियों और पालिटेक्निक कर रहे 5700 विद्यार्थियों का डेटा शासन स्तर पर भेजा था। लेकिन, आचार संहिता लागू होने से जिले के 64399 छात्रों में स्मार्ट फोन और टैबलेट का वितरण नहीं हो पाया। हालांकि इसके पूर्व योजना के तहत मुख्यमंत्री ने 25 दिसंबर को लखनऊ में हुए समारोह में जिले के 200 विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन दिया था। इसमें 50 छात्राएं और 150 छात्र शामिल थे, इनमें 100 आईटीआई और 50 स्नातक, परास्नातक कक्षाओं के छात्र थे। योजना के प्रथम चरण में 200 विद्यार्थी लाभान्वित हुए थे। इसके अलावा 27 दिसंबर को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में हुए समारोह में हाईस्कूल परीक्षा दे चुके 11 और इंटर परीक्षा दे चुके 10 मेधावियों को स्मार्ट फोन जनप्रतिनिधियों से वितरित कराए गए थे। इसके बाद आचार संहिता लग गई थी। जिसके कारण जिले 64399 विद्यार्थी स्मार्ट फोन और टैबलेट पाने से वंचित रह गए थे।
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तीन चरणों में वितरित होने थे स्मार्ट फोन और टैबलेट
मेधावियों को स्मार्ट फोन और टैबलेट तीन चरणों में वितरित किए जाना था। पहले चरण में 40 फीसदी और दूसरे और तीसरे चरण में 30-30 फीसदी विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरित किया जाना था।
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