बलिया। दुश्मन राष्ट्रों की निगाह पड़ी तो टिहरी बांध जल बम बनकर भयानक त्रासदी का कारण सिद्ध होगा। जरूरत है भारत सरकार हर हाल में टिहरी जल विद्युत परियोजना स्थगित कर गंगा मुक्ति की राह में रोड़ा बन रहे बांध नीति की समीक्षा करे। यहबात गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने सोमवार को सूर्य षष्ठी पर्व पर गंगा घाटों पर साफ-सफाई के दौरान पत्रकारों के समक्ष दी।
श्री तिवारी ने बताया कि 700 फीट ऊंचे बांध के 45 किमी की परिधि में सरकार की आर्थिक नीति की क्रूरता झेल रही है। गंगा अपने हल्के भूकंप के झोंके से हरिद्वार से लेकर पटना तक भयंकर सुनामी का आकार ले लेगी। आगामी 24 से 28 नवंबर तक वाराणसी में मनाए जाने वाले गंगा महोत्सव का जिक्र आने पर कहा कि गंगा अपनी सुरक्षा के खातिर राष्ट्र की ओर से कातर भाव से कड़े संघर्ष की जरूरत महसूस कर रही है। गंगा के नाम पर पूर्व काल से ही प्रचलित उत्सव-महोत्सव ‘पूत के जानू जादू, बहू करे काजल...।’ की कहावत चरितार्थ कर रहे हैं।श्री तिवारी ने कहा कि स्नान पर्व नजदीक है और गंगा मार्ग पर कूड़े का पहाड़ इकट्ठा किया जा रहा है।