बलिया। गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री आवास योजना का 976 गरीब, असहाय व दिव्यांगजनों को लाभ मिलेगा। इसमें कुष्ठरोगी, मुसहर व नट भी शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक 382 दिव्यांगजनों को लाभ मिलेगा।
शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ विधवा और दिव्यांगों को मिलता है। इसके लिए सभी का पंजीकरण फाॅर्म भरवाया जाता है। इसमें फार्म पर ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और सेक्टर प्रभारी के हस्ताक्षर होते हैं। उसके बाद शासन को भेजा जाता है। वहां से सीधे पात्र के खाते में धनराशि भेजी जाती है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को आवास मुहैया कराया जाएगा। योजना के तहत सरकार ग्रामीण इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर, मुसहर को छत मुहैया कराती है। जिनके पास अपना आवास न हो, उन्हें ही योजना का लाभ मिलेगा। आवास योजना के तहत लाभार्थियों को तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार रुपये आवास निर्माण के लिए दिए जाते हैं। इनमें प्रथम किस्त 40 हजार रुपये, द्वितीय किस्त 70 हजार रुपये और आवास निर्माण का लगभग पूरा काम होने पर 10 हजार रुपये लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण के तहत पात्रता श्रेणी में आने वालों को ही योजना का लाभ मिलेगा। प्राकृतिक आपदा और कालाजार पीड़ित, मुसहर, नट, प्रभावित, कुष्ठ रोगी, दिव्यांगजन, निराश्रित महिला को पात्रता की श्रेणी में रखा गया है।
इन्हें मिलेगा लाभ
प्राकृतिक आपदा300
कुष्ठ रोगी09
दिव्यांगजन-382
विधवा-491
मुसहर-03
नट01
शासन से मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत शासन से 976 आवेदनों की स्वीकृति मिली है। पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त जल्द भेजी जाएगी। - उमेश मणि त्रिपाठी, परियोजना निदेशक।