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कई वी डीओ और सचिवों पर कार्रवाई की तलवार

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बलिया। शौचालय निर्माण में 28.459 लाख के गबन के मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर बैरिया के दयाछपरा के सचिव पर हुई निलंबन की कार्रवाई के बाद कई आरोपित सचिवों की धड़कन बढ़ गई है। अलग-अलग कई मामलों की जांच डीडीओ तथा डीपीआरओ की ओर से की जा रही है और कईयों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। गबन की पुष्टि होने के बावजूद कार्रवाई में अधिकारियों को सात माह का समय लगा।
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बैरिया ब्लॉक के दयाछपरा में नमामि गंगे योजना तथा अन्य योजनाओं के तहत शौचालय निर्माण की जनवरी में डीपीआरओ राकेश कुमार यादव की गई पड़ताल के दौरान 28.459 लाख का गबन मिला। महीनों तक मामले को दबाए रखने के बाद करीब दो माह पहले सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। हैरानी की बात रही कि डीएम ने प्रधान के वित्तीय अधिकार पर रोक लगाते हुए सचिव के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया लेकिन इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने जब कड़ा -रख अपनाया तो डीडीओ ने सचिव को निलंबित किया। पंदह ब्लॉक के पूर में तैनात सचिव ओमप्रकाश सिंह को निलंबित करने के लिए खाद्य एवं रसद आयुक्त का आदेश महीनों से डीडीओ कार्यालय में पड़ा है। हालांकि डीडीओ ने बताया कि इस मामले में संबंधित कर्मचारी निलंबित हो चुका है और उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि कर्मचारी का दावा है कि इस मामले की जांच तत्कालीन डीडीओ रामाधार की ओर से की गई और उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।
इसी तरह रसड़ा ब्लाक के मुड़ेरा गांव के सचिव हर्षदेव व वीडीओ केदार यादव पर अन्त्येष्टि स्थल निर्माण के लिए जारी 13.08 लाख के गबन का दोषी मानते हुए डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने 15 मई 2017 को रसड़ा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में डीपीआरओ का दावा है कि दानों वीडीओ के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए डीडीओ को पत्र भेजा गया है जबकि डीडीओ ने बताया कि इस बावत कोई पत्र उन्हें नहीं मिला है। डीडीओ ने कहा कि इस मामले में डीपीआरओ की ओर से कोई पहल नहीं की गई है और खाते पर भी रोक नहीं लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में कर्मचारियों ने हाईकोर्ट से स्टेे ले लिया है।
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कोट
कई वीडीओ के खिलाफ जांच चल रही है और अलग-अलग मामलों में आरोपित वीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच पूरी होते ही कार्रवाई शुुरु कर दी जाएगी।
शशिमौलि मिश्रा, डीडीओ
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