बलिया। भूमाफिया के खिलाफ शासन स्तर से चलाए जा रहे अभियान के तहत जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने आवास विकास कालोनी स्थित एक गड़हे की जमीन को अवैध कब्जा से मुक्त कराने का निर्देश दिया। इस मामले में उच्च न्यायालय में योजित याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में गलत तरीके से नाम दर्ज कराकर बेचने वालों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की बारीकी से जांच कराने के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिया है कि इसके सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव बनाकर नपा बोर्ड से पारित कराएं।
नगर पालिका परिषद के आवास विकास कालोनी स्थित हनुमान मंदिर के पास करीब 3.38 एकड़ भूमि पोखरा के नाम से काफी दिनो से चल रहा था। उक्त जमीन पर कुछ भू माफियों ने अपने लोगों का नाम दर्ज कराकर उसपर कब्जा शुरु कर दिया था। इस जमीन को बेचने के फिराक में लग गए। ऐसे में मोहल्ले के लोगों ने इस प्रकरण में जनहित याचिका दाखिल कर दी। जिसमें हाईकोर्ट की इलाहाबाद खंडपीठ ने 12 जुलाई 2017 को आदेश पारित किया था कि इस प्रकरण का निस्तारण जिलाधिकारी अपने स्तर से तत्काल करें। जिसमें सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने इस प्रकरण की बारीकी से जांच कराने के बाद पाया कि गलत तरीके से पोखरे की जमीन पर अपना नाम दर्ज कराया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने भूमि को पोखरा का मानते हुए ऐतिहासिक फैसला किया है। जिससे मोहल्लेे के लोगों में काफी खुशी है। नपा के सभासद प्रतिनिधि विनोद कुमार सिंह के साथ ही अन्य मोहल्ले वासियों ने एक दूसरे मिठाई खिलाकर डीएम के फैसले का स्वागत किया है।