बलिया। जिले के बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में बतौर प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी रहे दो तत्कालीन अफसरों को शासन ने निलंबित कर दिया है। डीएम की रिपोर्ट पर निदेशक राजेन्द्र कुमार सिंह ने कार्रवाई की है। सीडीओ ने शासन से मिले निलंबन आदेश पर वर्तमान प्रभारी डीपीओ को कारवाई करने का निर्देश दिया है।
जिले में बतौर जिला कार्यक्रम अधिकारी राम भवन वर्मा कई मामले को लेकर विवादित रहे और उनके खिलाफ कई मामलों की जांच चल रही थी। करीब चार माह पहले वर्मा का स्थानांतरण हो गया और जिले के ही सीडीपीओ श्रीमती मालती देवी को प्रभारी डीपीओ बनाया गया। इस बीच जांच के बाद जिलाधिकारी ने राम भवन के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति शासन से की। डीएम ने माना था कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में निर्मला देवी यादव को आंगनबाड़ी पद से हटाने के लिए सीडीओ व डीएम से अनुमोदन लेने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा एक आंगनबाड़ी पद की पात्र मिली मंजू देवी की नियुक्ति के लिए भी डीएम व सीडीओ से अनुमोदन लेने के बाद कार्रवाई नहीं की। डीएम ने इसे उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी व उच्चाधिकारियेां के आदेश की अवहेलना माना था।
विभाग के निदेशक ने इस मामले में राम भवन वर्मा को निलंबित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी बलिया से सम्बद्ध कर दिया। वह रोज कार्यालय पर आकर अलग पंजिका पर अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच डीपीओ वाराणसी नीलम मेहता करेंगी। इसी तरह वर्मा के स्थानांतरण के बाद प्रभारी डीपीओ बनी सीडीपीओ मालती देवी को भी निदेशक ने डीएम की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया है। डीएम ने रिपोर्ट में बताया था कि देवेंद्र यादव की पुत्रवधू रिंकू यादव की नियुक्ति फर्जी अंकपत्र के कारण निरस्त हो गया था जिसे मालती ने नियम विरुद्ध तरीके से आंगनबाड़ी पद पर तैनात करके अधिकारों का दुरुपयोग किया।
इसके अलावा 21 साल से कम आयु होने के कारण आंगनबाड़ी पूनम यादव की सेवा सीडीपीओ पंदह ने 2005 में समाप्त कर दिया था जिसे सितंबर 2017 में पुन: बहाल कर दिया गया। डीएम ने यह भी माना था कि आंगनबाड़ी के कथित संरक्षक देवेंद्र नाथ यादव से सांठ-गांठ करके बाल विकास विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कराकर विभागीय कार्योँ में बाधा पहुंचाया तथा अनुशासनहीनता बरती है। निदेशक ने मालती देवी को सस्पेंड करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी मऊ से सम्बद्ध किया है। इनके खिलाफ आरोपों की जांच डीपीओ मऊ श्रीमती जया त्रिपाठी करेंगी।
कोट
शासन ने जिले में रहे तत्कालीन दो जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। शासन से मिले पत्र पर कार्रवाई करने का निर्देश प्रभारी डीपीओ को दिया गया है।
संतोष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी