पंदह। ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर जारी पीडीपी स्वमूल्यांकन रिपोर्ट में जिले की 64 पंचायतें काफी पीछे हैं। सी ग्रेड (40–60 अंक) में पहुंची 64 पंचायतें आधे सूचकों पर फेल हैं। ग्राम सभा की बैठकों का कोरम, सामुदायिक भागीदारी और बाल-महिला सभा जैसे बुनियादी संकेतकों में इन पंचायतों को शून्य अंक मिले हैं।
सी ग्रेड वाली पंचायतों में चिलकहर ब्लॉक की सबसे अधिक 22 ग्राम पंचायतें हैं। वहीं दूसरे स्थान पर पंदह ब्लॉक है। यहां की 8 पंचायतें इस श्रेणी में हैं। इसके अलावा बांसडीह की 6, बैरिया, सोहांव और बेलहरी की 4-4, हनुमानगंज की 3, रसड़ा, सीयर, बेरूआरबारी, मुरलीछपरा, नगरा और नवानगर की 2-2, तथा मनियर की एक पंचायत इस सूची में है। सिकंदरपुर तहसील के नवानगर और पंदह ब्लॉक की जो 10 पंचायतें इस श्रेणी में हैं। उनमें नवानगर की कोथ और सिसोटार दियारा तथा पंदह की बहेरी, चकबहाउद्दीन, चकउसरैला, जनुवान, खेजुरी, लखनापार, मेउली कनासपुर और मुड़ेरा हैं।
869 पंचायतें बी ग्रेड में लेकिन 45 प्रतिशत बॉर्डर लाइन पर
रिपोर्ट में जनपद की 869 पंचायतों को बी ग्रेड (60–75 अंक) मिले हैं। प्रदर्शन ठीकठाक रहा लेकिन कई मानकों पर ये पंचायतें भी फेल रहीं। ग्रामसभा बैठकों का कोरम पूरा न होना, सामुदायिक भागीदारी की कमी और बाल-महिला सभा का आयोजन न होना सबसे कमजोर कड़ी रही। वहीं, संकल्प विषय और जीपीडीपी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी इन पंचायतों की उपलब्धि केवल 20 प्रतिशत रही। जबकि इन पंचायतों में से करीब 45 प्रतिशत बॉर्डर लाइन पर हैं। पंदह ब्लॉक की चड़वा बरवां, बाछापार, जेठवार, किकोढा, मुजही और सरयां ऐसी ही पंचायतें हैं जो थोड़ी और फिसलतीं तो सी ग्रेड में आ जा सकती थीं। रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंचायतों में योजनाओं की तैयारी से लेकर क्रियान्वयन तक आम जनता की भागीदारी नगण्य है। लोकतांत्रिक भागीदारी गांवों में औपचारिकता बनकर रह गया है।
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सिर्फ 7 पंचायतें को मिला ए ग्रेड
पूरे जिले में केवल 7 पंचायतें ऐसी रहीं जो ए ग्रेड हासिल कर सकीं। इनमें सबसे अधिक गड़वार की 5 पंचायतें शामिल हैं। इसके अलावा बेलहरी एक और सोहांव की 2 पंचायत शामिल हैं।
इन पंचायतों ने अधिकतर सूचकों में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन ग्राम सभा बैठकों का कोरम, बाल-महिला सभा और संकल्प विषय से जुड़ी गतिविधियों में शून्य से 20 प्रतिशत अंक ही प्राप्त किए।