दुबहड़। शिवरामपुर गंगा घाट पर इस बार बने पीपा पुल को बिना रेलिंग लगाए ही यातायात के लिए खोल दिया गया है। इस वर्ष काफी विलंब के बाद अभी हाल ही में एक सप्ताह पहले 9 दिसंबर को पीपा पुल का उद्घाट नगर विधायक आनंद स्वरूप शुक्ल ने किया था। पर आज तक रेलिंग नहीं लगाई गई और न ही पुल के ऊपर लोहे की चादर ही बिछाई गई है।
गंगा घाट पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाता है। हर साल 15 अक्तूबर तक पीपा पुल बनाकर खोल दिया जाता था। लेकिन इस बार देरी हुई। ऊपर से पुल की रेलिंग नहीं बनाई गई। जिससे दो पहिया वाहन से लेकर चार पहिया वाहन के अलावा पैदल चलने वाले यात्रियों को काफी संभलकर चलना पड़ रहा है। गंगा उस पार बालू में एक भी लोहे की चादर नहीं डाली गई है। जिससे लोगों को बालू में गंगा उस पार जाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। गंगा पार के शिवपुर दियर निवासी शिवशंकर पांडेय, अजीत पांडेय व सोनू सिंह तथा इस पार के रहने वाले त्रिभुवन यादव, सत्येंद्र कुमार, धर्मेंद्र यादव, गुड्डू पाठक ने कहा कि इस पुल से प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना रहता है फिर भी लोक निर्माण विभाग पुल का आधा अधूरा निर्माण करा कर लोगों के जान को जोखिम में डाले हुए है। यहीं नहीं पुल के गंगा उस पार नाके के पानी में धस जाने के कारण भी लोगों को संभलकर पुल पर चलना पड़ रहा है। गंगा घाट शिवरामपुर पर पिछले दो दशक से अधिक समय से लोक निर्माण विभाग 15 अक्तूबर तक पीपा पुल का निर्माण कराता है। जिला मुख्यालय से जुड़ने की सुविधा 15 जून तक आसानी से उपलब्ध हो पाती थी। लेकिन इस साल पुल निर्माण में काफी विलंब होने के कारण क्षेत्रीय लोगों ने आंदोलन करने की धमकी दी तब जाकर एक सप्ताह पहले पीपा पुल का आनन-फानन में आधा अधूरा निर्माण कराया गया। क्षेत्रीय लोगों ने चेताया कि अगर पुल पर रेलिंग और लोहे की चादर नहीं डाली गई तो क्षेत्रीय लोग जिलाधिकारी को ज्ञापन देने को बाध्य होंगे।