बलिया। तमाम प्रयासों के बावजूद धान क्रय केंद्रों की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। खासकर गड़हांचल के किसान नजदीकी इलाका बिहार प्रांत के बक्सर ले जाकर धान बेचने को मजबूर हैं।
जिलेभर में धान क्रय केंद्रों का संचालन अस्त-व्यस्त है और किसान धान को बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। बताया जाता है कि धान क्रय केंद्रों के निर्धारण की जिम्मेदारी विपणन विभाग को दी गई थी लेकिन इसको लेकर अधिकारियों ने खूब मनमानी की। इसके चलते क्रय केंद्र संचालक भी खूब मनमानी कर रहे हैं और किसानों से धान खरीदने को लेकर तरह-तरह के बहाने भी बनाते हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर इलाका धान का क्षेत्र होने के बावजूद क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं हुई है। खासकर गड़हांचल के करइल का इलाका भी धान के लिए मशहूर है। किसानों के धान की खरीद के लिए इस इलाके में 10 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद गड़हांचल के किसान परेशान हैं और आजिज आकर बिहार ले जाकर बेचने को मजबूर हैं। बताया जाता है कि विपणन विभाग की मिलीभगत से ही क्रय केंद्र संचालक मनमानी कर रहे और किसानों से धान खरीदने को लेकर बहानेबाजी कर रहे हैं। स्थिति यह है कि रोजाना दर्जनों गाड़ी धान भरौली गंगा पुल के रास्ते बिहार प्रांत को जा रही है और किसानों का धान होने के कारण पुलिस भी नहीं रोक पा रही है। बताया जाता है कि कोटवां नारायनपुर से लेकर नरहीं तक के बड़े किसान आज भी क्रय केंद्रों की व्यवस्था सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।
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क्रय केंद्र संचालकों को मानक के अनुसार किसानों से धान खरीदने को कहा गया है। इसके बाद भी यदि कोई क्रय केंद्र संचालक मनमानी कर रहे हैं तो किसान उनसे शिकायत करें ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। जल्द ही गड़हांचल इलाके के क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
= मनोज सिंघल, एडीएम, बलिया