दुबहर। क्षेत्र के ओझा कछुआ गांव में मंगलवार को निरंकारी मिशन द्वारा संत समागम का आयोजन हुआ। जिसमें कई जनपदों के संत महात्मा के साथ श्रद्घालु शामिल हुए। संतों ने इंसान की सेवाओं को ही भगवान की असली पूजा बताया।
समागम में देवरिया जनपद से आए संत सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि संत महात्मा प्रेम जनित आनंद का वह सागर है, जिसमें गोता लगाते ही समस्त पाप- ताप- संताप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने जीव और ब्रह़्म की एकता का होना ही मुक्ति का एक मात्र उपाय बताया। कहा कि ज्ञान, कर्म में ढल जाए तो जीवन का श्रृंगार और प्यार में वासना न हो तो प्यार वरदान बन जाता है। उन्होंने बताया कि इंसान की सेवा ही भगवान की असली पूजा है।
महात्मा गणेश मास्टर ने कहा कि किसी कार्य के होने और न होने तथा फल की इच्छा न होना ही समत्व योग कहलाता है। भ्रम की समाप्ति से ही ब्रह्म की प्राप्ति संभव है। गायक सरल पासवान एवं राजेश रैना ने अपनी मिशन की कई भावपूर्ण गीतों की प्रस्तुति कर लोगों को खूब झुमाया। मुख्य आयोजक सत्यप्रकाश यादव ने माल्यार्पण कर स्वागत किया।
इस मौके पर महात्मा शिवजी, आरके सिंह, मीरा देवी, सुजीत जायसवाल, बरमेश्वर यादव, विनोद सिंह, चिंतामणि सिंह, मुन्ना चौहान, जीउत प्रसाद, बरमेश्वर प्रसाद, विद्यावती सिंह, रामदेव गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन छपरा बिहार निवासी सोनू कुमार ने किया।