बैरिया। उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में बैरिया तहसील क्षेत्र के मन्दिर व मस्जिदों को लाउडस्पीकर उतरवाने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि तयशुदा समय के बाद लाउडस्पीकर लगा रहने पर उसे उतार लिया जाएगा। उधर, सभी धर्मों के लोगों ने इसे सहजता से माना है और अनुमति से ही लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने पर सहमति जताई है।
कस्बा स्थित जामी मस्जिद के मौलाना जमाल अख्तर का कहना है कि नमाजियों को नमाज का समय होने और मस्जिद में पहुंचने की सूचना देने के लिए अजान दी जाती है। जिसमें महज तीन से पांच मिनट लगते हैं। कोटवां मस्जिद के मौलाना गुलाम रसूल ने कहा कि उच्च न्यायालय ने कहा है कि लाउडस्पीकर के लिए इजाजत लेना होगा, ऐसे में नमाज के लिए इजाजत लेनी होगी। प्रमोद बाटिका के संत रामबालक बाबा ने कहा कि शांतिमय तरीके से भी हम भगवान का नाम ले लेंगे। चाहे लाउडस्पीकर से राम कहो या सच्चे हृदय से राम कहो, राम कहने वालों का जीवन धन्य हो जाता है। शादी-विवाह के मामले में प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि लाउडस्पीकर बजाने से बहुत शोर होता है। धीमी गति से म्यूजिक बजे तो अच्छा लगता है। कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश का सभी को पालन करना चाहिए।
क्षेत्राधिकारी बैरिया उमेश कुमार यादव ने बताया कि बैरिया, रानीगंज बाजार, मधुबनी सहित सभी मन्दिर व मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर उतरवाने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिना अनुमति लिए धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर नहीं बजने दिया जाएगा।