रामगढ़ (बलिया)। केहरपुर गांव के कटान पीड़ितों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम सिंह को ज्ञापन देकर एक सप्ताह के अंदर कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में कार्य शुरू नहीं होने पर वो 24 जून से एनएच-31 स्थित सुघरछपरा ढाले पर अनशन शुरू करेंगे।
बताया जाता है कि पिछले साल गंगा नदी ने श्रीनगर गांव का नामोनिशान मिटा दिया। इस बार गंगा का रुख केहरपुर गांव की ओर हो गया है। नदी और गांव के बीच मात्र 15 मीटर की दूरी होने के कारण ग्रामीण दहशत में हैं। आज तक बाढ़ नियंत्रण विभाग और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा की कोई पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों ने विधायक से सांसद तक का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। ग्रामीणों ने कहा कि दुबेछपरा में बन रहे स्पर से नदी की धारा का दबाव बैक रोलिंग करके सीधे केहरपुर पर पड़ेगा। इसके कारण जल्द ही गांव गंगा के गोद में समा जाएगा। उन्होंने डीएम से शीघ्र ही कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की।
एसडीएम ने लिया रिंग बंधा निर्माण का जायजा
रामगढ़। बैरिया के एसडीएम अरविंद कुमार ने शनिवार सुबह दुबेछपरा रिंग बंधा का निरीक्षण किया। ठेकेदारों ने एसडीएम को बताया कि मौके पर ट्रैक्टर से बोल्डर तो पहुंच रहा है, लेकिन ट्रक से ले जाने के लिए बंधे के किनारे पेड़ों की टहनियों को कटवाना पड़ेगा। एसडीएम ने मौके पर मौजूद वन विभाग के शैलेंद्र कुमार शर्मा को पेड़ों की टहनियों को कटवाने के निर्देश दिए। इस मौके पर बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता मुन्ना यादव, अख्तर अली आदि थे।
किसानों ने लगाए भुगतान नहीं करने के आरोप
रामगढ़। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने एक ओर जहां काश्तकारों की जमीन पर बाढ़रोधी कार्य शुुरू करा दिया है, वहीं काम शुरू होने के 18 दिन बाद भी किसानों को मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। किसानों का कहना है कि बाढ़रोधी कार्य को देखते हुए जमीन उपलब्ध करा दी, लेकिन भुगतान के लिए जिला प्रशासन की ओर से बार-बार यही आश्वासन दिया जा रहा है कि उनके हिस्से के अंश का निर्धारण किया जा रहा है। जल्द ही पैसे का भुगतान कर दिया जाएगा। इस बाबत एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर सभी किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।