बलिया। जिले के पूर गांव में बन रहे प्रदेश के चौथे स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण को 49 करोड़ का प्रस्ताव फिलहाल आचार संहिता में अटक गया है। हालांकि इस कॉलेज की चहारदिवारी का कार्य अंतिम दौर में है। चहारदिवारी निर्माण में एक जगह विवाद की स्थिति होने के कारण खेल विभाग ने मार्ग दर्शन मांगा है। इस योजना की स्वीकृति शासन ने वर्ष 2017 में दी थी। कुल 106.59 एकड़ जमीन अधिगृहित की गई है।
विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में चौथे स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माण की कवायद की गई। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में इसके निर्माण की स्वीकृति देते हुए कुल 7.5 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृति दी। शासन ने इस स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को दे दी। हालांकि धन आने में विलंब के कारण इस परियोजना का रि-इस्टीमेट करना पड़ा और कुल 8.81 करोड़ खर्च करना पड़ा। जिला क्रीड़ा अधिकारी की मानें तो चहारदिवारी निर्माण के लिए शासन से पूरा पैसा मिल चुका है और निर्माण कार्य भी अंतिम दौर में है। एक जगह विवाद की स्थिति आने के कारण उच्चाधिकारियों से मार्ग दर्शन के लिए पत्र भेजा गया है। निर्देश मिलते उसके अनुसार कार्य पूरा हो जाएगा। यह भी बताया कि चहारदिवारी के अलावा स्पोर्ट्स कॉलेज में जो-जो सुविधाएं होनी चाहिए उसको लेकर खेल विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
खेल विभाग के प्रस्ताव में है शामिल
बलिया। खेल विभाग की ओर से स्पोर्ट्स कॉलेज को मूर्तरुप देने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें आवासीय परिसर, प्रधानाचार्य आवास, उप प्रधानाचार्य आवास, चिकित्सक आवास, शिक्षक आवास, प्रशिक्षक आवास, तृतीय श्रेणी कर्मचारी आवास, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग छात्रावास आदि शामिल हैं।
अन्य कॉलेजों की अपेक्षा यहां अधिक है जमीन
बलिया। पूर गांव में चकबंदी के दौरान चकदारों के चक से कटौती कर तथा कुछ ग्राम समाज की जमीन लेकर 106.59 एकड़ में स्पोर्ट्स कालेज का निर्माण खेल विभाग द्वारा कराया जा रहा है। प्रदेश के अन्य स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर में लगभग 48 एकड़ तथा सैफई में लगभग 27 एकड़ जमीन में निर्मित है। इनके अनुपात में इस स्पोर्ट्स कालेज के लिए जमीन काफी अधिक है।
स्पोर्ट्स कालेज की चहारदिवारी का कार्य अंतिम दौर में है। स्पोर्ट्स कॉलेज में अन्य सुविधाओं को लेकर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव में कॉलेज को मूर्तरूप देने को लेकर कई कार्य हैं।
-अतुल सिन्हा, जिला क्रीड़ाधिकारी, बलिया।