बलिया। जिले मेें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की कोई हड़ताल नहीं है और सभी योजनाओं का संचालन भी किया जा रहा है। हालांकि यह बात सही है कि आसपास के जिले की आंगनबाडिय़ों का आंदोलन चल रहा है। जिलाधिकारी की चेतावनी व बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक की ओर से जारी निर्देश के चलते आंदोलन नहीं हो सका।
मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के कई जनपदों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से आंदोलन किया जा रहा है। प्रशासन को इसकी भनक लगी तो उसने इससे निबटने की तैयारी शुरु की दी। आंगनबाड़ी से जुड़ें संगठनों के पदाधिकारियों को जिलाधिकारी ने बुलवा कर उन्हें आश्वस्त कराया कि मानदेय आदि से संबंधित समस्याएं शासन स्तर की है और उनकी मांगों को शासन को भेज दिया जाएगा। साथ ही चेताया भी कि आंदोलन हुआ तो संबंधित आंगनबाड़ी की 24 घंटे के अंदर सेवा समाप्त कर दी जाएगी। कई संगठनों के संरक्षकों को भी जिलाधिकारी ने चेताया था कि यदि आंदोलन के लिए आंगनबाड़ी को उकसाया गया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज जेल भेज दिया जाएगा। डीएम की कवायद रंग लाई और जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन नहीं किया। 24 व 28 अक्तूबर को वजन दिवस का भी आयोजन किया गया और सभी केंद्रों पर आंगनबाड़ी व सहायिकाएं उपस्थित थीं।
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जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कोई आंदोलन नहीं है और सभी योजनाएं नियमानुसार संचालित हैं। आंदोलन को लेकर सख्त निर्देश जारी किया गया है।
विनीत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।