बैरिया। तहसील के राजस्व न्यायालयों में 3547 मामले लंबित हैं। वादकारी तहसील पर आकर निराशा के साथ अपना अगला डेट लेकर लौट रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते लगभग 7 माह तक न्यायालयों में काम नहीं हुआ और अब कार्य शुरू भी हुआ तो भी मामलों के निस्तारण में तेजी नहीं आ रही है।
तहसील के उप जिलाधिकारी न्यायालय में 2481 और तहसीलदार न्यायालय में 1066 मामले सुनवाई पर हैं। कोरोना संक्रमण के चलते लगभग 7 माह तक बैरिया तहसील के न्यायालयों में काम तो नहीं हुआ लेकिन इस दौरान इन राजस्व न्यायालयों में वाद भी जरूर बढ़े। हालांकि इसकी गणना अभी सक्रिय मामलों में नहीं की जा रही है। दो-दो नायब तहसीलदार का पोस्ट होते हुए भी मौजूदा समय में यहां एक भी नायब तहसीलदार उपलब्ध नहीं हैं। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में एसडीएम बैरिया और तहसीलदार दोनों लोगों ने आश्वस्त किया था कि नवंबर से न्यायालयों में नियमित सुनवाई होगी। तहसीलदार न्यायालय के कुछ सक्रिय मामले तो निपटाए गए लेकिन एसडीएम न्यायालय के मामले ज्यों के त्यों हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस बीच उपजिलाधिकारी गिनती के दो-तीन दिन ही न्यायालय में बैठे हैं। जबकि तहसीलदार न्यायालय में मामलों के निपटारे काफी हुए हैं। तहसील पर आने वाले वादकारी काफी परेशान हो रहे हैं। इस संदर्भ में तहसीलदार शिवसागर दुबे से जब बात की गई तो उनका कहना था कि अन्य प्रशासनिक कार्यों के चलते न्यायालय में बैठने का समय काफी कम मिला, फिर भी बहुत जल्द ही अधिक मामले निपटा लिए जाएंगे। क्रिटिकल मामलों में थोड़ा समय लगेगा। वहीं, बैरिया के उप जिलाधिकारी प्रशांत नायक ने कहा कि अगले सोमवार से न्यायालय में नियमित बैठा जाएगा। तिथि पर सुनवाई वाले मामले को सुबह ही नोटिस बोर्ड पर लगा दिए जाएंगे ताकि अधिवक्ता और पक्षकार रहेंगे तो शीघ्र निस्तारण होगा।