नोटबंदी के आदेश के बाद से भले ही जनपद के विभिन्न बैंकों से 250 से 300 करोड़ रुपये रिजर्व बैंक से मिल चुके हैं, लेकिन किल्लत कम नहीं हो रही है। आदेश के एक महीने बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतार दिख रही है।
कैश की समस्या के मद्देनजर लोग भले ही डेबिट कार्ड अथवा क्रेडिट कार्ड से पेमेंट कर रहे हैं, लेकिन अन्य जरूरतों के लिए कैश की समस्या बनी हुई है। बैंक अधिकारियों की माने तो अब तक जिले में करीब 300 करोड़ रुपये रिजर्व बैंक से मिल चुके हैं, लेकिन कैश की किल्लत दूर नहीं हो सकी है। ऐसे में यदि 100 करोड़ रुपये जल्द उपलब्ध हो जाए तो काफी हद तक लोगों को राहत मिल सकती है।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि जनपद में 500 रुपये के नए नोट नहीं आने से परेशानी बनी हुई है। एटीएम में 2000 रुपये के नोट डालने पड़ रह हैं। सौ-सौ नोट डालने पर कुछ ही घंटों में पैसे खत्म हो जा रहे हैं। नोटबंदी के आदेश के बाद से अभी तक जनपद में 250 से 300 करोड़ रुपये रिजर्व बैंक से मिल चुके हैं, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। एलडीएम रंजीत सिंह का कहना है कि कैश की किल्लत पहले से भले ही कुछ कम हुई है लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। बैंकों की तरफ से हरसंभव लोगों को कैश देने की कोशिश हो रही है।