नोटबंदी के बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों की बेरुखी से हर कोई परेशान है। एक तरफ पैसे निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। इससे बचने के लिए लोग स्वाइप मशीन और मोबाइल बैंकिंग की तरफ रुख करने लगे हैं। वैसे लगन के कारण भी लोगों के बीच कैश बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। लगन का मौसम खत्म होने के बाद कैश की भी आवश्यकता कुछ हद तक कम हो जाएगी।
एटीएम के बाहर लाइन में खड़े लोगों का कहना है कि काला धन को घरों से निकालने के लिए पीएम मोदी ने नोटबंदी का फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन नोटों के प्रचलन में तेजी नहीं आने से हर कोई परेशान है। बैंकों की दिनचर्या में सुधार नहीं आने पर लोगों में गुस्सा भी है। फिर लोग घंटों एटीएम के कतार में लग रहे है।
वहीं कैशलेस खरीदारी के लिए ग्राहक अग्रसर है। अब तो बैंकों का विकल्प बने मोबाइल बैंकिंग और स्मार्ट एटीएम के जरिए ग्राहकों को सुविधाएं प्रदान करने में नगर के दूकानदार जुटे हुए है। नगर के मिड्ढी चौराहा स्थित वी मार्ट के किराने की दूकान पर भी स्मार्ट एटीएम के रुप में स्वाइप मशीन का प्रयोग किया जा रहा है, जो लोग सामान खरीद रहे है।
उनका पैसा उसी मशीन से काट लिया जा रहा है। दूकानदार दिवेश कुमार गुप्ता ने बताया कि हम गरीब तबके और जरुरतमंद को पैसा न होने की दशा में स्मार्ट एटीएम के जरिए पैसा भी दे रहे हैं। मोदी की नोटबंदी के बाद बहुत से लोगों को एटीएम से पैसा नहीं निकलने पर उनकी दूकान पर आकर खाने-पीने का सामान खरीद रहे हैं।