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2002 से अब तक मिले 2745 एचआईवी मरीज

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बलिया। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। एचआईवी पॉजिटिव रोगियों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में एआरटी सेंटर व आईसीटीसी और महिला अस्पताल में पीपीटीसीटी सेंटर खुला हुआ है, जहां एचआईवी/एड्स से पीड़ित रोगियों की जांच तथा दवा नि:शुल्क दी जाती है। वहीं गांव में नुक्कड़ नाटक, पोस्टर आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागृत किया जाता है।
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जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद में वर्ष 2002 से अब तक कुल 2745 एचआईवी/एड्स पॉजिटिव मरीज पाए गए। इसमें 478 लोगों अपनी जान गवां चुके हैं। जिसमें 346 पुरुष, 112 महिला, शून्य थर्ड जेंडर, 11 बच्चे और नौ बच्चियां सम्मिलित है। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) के तत्वावधान एवं उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (यूकोसैैक) के संयुक्त तत्वावधान में एचआईवी/एड्स पॉजिटिव रोगियों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में एंटी रिट्रो वायरल थिरेपी (एआरटी) सेंटर व एकीकृत परामर्श व जांच केंद्र (आईसीटीसी) और महिला अस्पताल में पीपीटीसीटी सेंटर स्थापित है, जहां एचआईवी/एड्स से पीड़ित रोगियों की जांच तथा दवा निशुल्क दी जाती है। इसके अलावा रसड़ा, सरायभारती, नगरा, सिकंदरपुर, खेजुरी, बांसडीह व दुबहर सीएचसी व पीएचसी पर केंद्र स्थापित है। यहां भी एचआईवी/एड्स से पीड़ित रोगियों की जांच व दवा नि:शुल्क दी जाती है। वहीं एआरटी सेंटर पर आने वाले मरीजों को प्रतिमाह के दर से 100 रुपये यात्रा भत्ता त्रैमासिक दिया जाता है। जनपद में वर्ष 2002 से अब तक कुल 2745 एचआईवी/एड्स पॉजिटिव मरीज पाए गए। इसमें 478 लोगों अपनी जान गवां चुके हैं।
जनवरी 2019 में अब तक 358 मिले एचआईवी मरीज : बलिया। जिला क्षयरोग अधिकारी डा. केडी प्रसाद ने बताया कि जनपद में जनवरी 2019 से अब तक कुल 27448 लोगों की काउंसलिंग की गई। जिसमें से 27428 मरीजों की जांच की गई। इसमें 358 एचआईवी/एड्स पॉजिटिव मरीज पाए गए। जिसमें 191 पुरुष, 143 महिला, एक थर्ड जेंडर, 14 बच्चे और 09 बच्चियां पाई गई। इसमें किसी भी रोगी की मौत नहीं हुई है। इन सभी मरीजों का इलाज एआरटी सेंटर, आईसीटीसी, पीपीटीसीटी सेंटर सहित जिले के अन्य सातों केंद्र पर नि:शुल्क जांच व दवा दी जाती है।
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यहां होती है नि:शुल्क जांच व मिलती है दवा : बलिया। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरायभारती, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह व दुबहर के प्रांगण में केंद्र स्थापित है। जहां नि:शुल्क जांच एवं नि:शुल्क दवा वितरित की जाती है। जनपद में अमर शहीद चेतना संस्थान बनकटा, विहान चंद्रशेखर नगर के सदस्य एचआईवी/एड्स रोगियों को चिह्नित कर इलाज कराने के लिए प्रेरित करता है और उन्हें जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर तक लाता है, जहां जांच व दवा दिलाकर आमजन की तरह सामान्य जीवन व्यतीत करने के लिए जागरूक करता है।
ऐसे होता है एड्स : बलिया। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में एचआईवी असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सीरिंज से फैलते है। इसलिए आपको हमेशा यह ध्यान रखना होगा कि नए सीरिंज का ही प्रयोग किया जाए। संक्रमित मां से शिशु में एचआईवी पॉजिटिव मां द्वारा बच्चे को दूध पिलाने से नहीं फैलता है। आजकल डोनेशन कैंपों में भी ब्लड डोनेटर का एचआईवी टेस्ट किया जाता है। ताकि अन्य किसी में व्यक्ति में ब्लड न चढ़ सकें।
एड्स के दौरान मरीज टीबी के भी होते है शिकार : बलिया। जिला अस्पताल के डाक्टर एके स्वर्णकार का कहना है कि एड्स की अवस्था में आने के बाद मरीज सबसे पहले टीबी के शिकार होते हैं, क्योंकि टीबी होने का कारण भी शरीर में प्रतिरोधक क्षमता की कमी होने लगता है। इसके अलावा निमोनिया (निमोसिस्टम कारिनी) मेनिंजाइटिस भी सामान्य है।
ऐसे करें बचाव : बलिया। सुरक्षित यौन संबंध बनाएं। खून लेने से पहले उसकी जांच करा लें। कोई भी टीका या इंजेक्शन लगाने से पहले ध्यान रखें की सीरिंज नई हो। एक से ज्यादा लोगों से संबंध बनाने से बचें। सेविंग कराते समय भी नए ब्लेड का ही प्रयोग करें।
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