बलिया। जनपद के 22 थानों में लंबे समय से 2499 वाहन कबाड़ हो रहे थे। इसमें करीब 1220 वाहन लंबित मुकदमा व 1279 वाहन लावारिस के हैं। जिसमें 521 की नीलामी हो चुकी है, अब सिर्फ 758 वाहन बचे हैं।
लंबित मुकदमा वाले वाहनों में दुर्घटना, चोरी और एमवी एक्ट जैसी घटनाओं में बरामद वाहन शामिल हैं। कई थानों में इन वाहनों के रखने तक की व्यवस्था नहीं है। इन वाहनों को वर्षों से सड़क किनारे ही खड़ा किया गया है। समय-सयम पर कोर्ट व विभाग को इससे अवगत कराया जाता है। इन दिनों थानों में पड़े लावारिस वाहनों की नीलामी कर हटाया जा रहा है। अब सिर्फ लंबित मुकदमा वाले वाहन बचे हैं।
यूपी बिहार की सीमा से सटे होने के कारण अक्सर शराब व पशु तस्करी के वाहन पकड़े जाते हैं। इसके अलावा सड़क हादसों में क्षतिग्रस्त वाहन लंबे समय तक थानों में पड़े रहते हैं। चोरी व छिनौती जैसी घटनाओं के पर्दाफाश के दौरान बरामद बाइक आए दिन पकड़े जाते हैं।
इसके अलावा ई-रिक्शा, तीन पहिया, कार व ट्रक शामिल हैं। एनएच-31 के नरही, फेफना, दुबहड़ व बैरिया थाने के सामने सड़क किनारे वाहनों को कबाड़ की तरह फेंका गया है। थाने में जगह के अभाव में कई वाहन ऐसे हैं। इन वाहनों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। अन्य थानों में भी लंबे समय से जब्त वाहनों की भी स्थिति ऐसी ही है।
हालांकि पुलिस प्रशासन की टीम समय-समय पर नीलामी की प्रक्रिया अपनाता है लेकिन कई वाहनों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं। ऐसे वाहन थानों में अपने आखिरी दिन गिन रहे हैं। सदर कोतवाली में 78 लावारिस बाइक थी, जिसमें सभी नीलामी हो चुकी है। 27 सीज बाइक, 16 चारपहिया वाहन और एक बस व रोड़वेज बस है। वहीं बैरिया थाना में 153 लावारिस व 465 लंबित मुकदमे वाले वाहन है। यही हाल अन्य थानों का भी है, जहां वाहन लंबे समय से जब्त पड़े हैं।